39 C
Lucknow
Tuesday, May 19, 2026

जापान में 12 दिन में ही हो जाते हैं इलेक्शन, नहीं होती रैली और न ही प्रचार

डेस्क। Japan में चुनावों को दुनिया की सबसे अनुशासित और सख्ती से नियंत्रित लोकतंत्र प्रक्रिया में से एक माना जाता है। भारत के उलट जहां चुनावी अभियान अक्सर महीनों तक चलते हैं। जापान एक असाधारण रूप से शांत और कंट्रोल्ड प्रणाली का पालन करता है। जापान में निचले सदन के चुनावी अभियान कानूनी तौर पर सिर्फ 12 दिनों तक सीमित होते हैं।

यह भी पढ़ें-चुनाव जीतने के बाद कैसे गठित होती है सरकार, यहां जानें प्रोसेस

इसी के साथ ऊपरी सदन के अभियान 17 दिनों तक चल सकते हैं। आधिकारिक तौर पर स्वीकृत अवधि के बाहर चुनाव प्रचार करना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इसके उलट भारत में चुनाव अक्सर कई हफ्तों या फिर महीनों तक चलते हैं। जापानी कानून उम्मीदवारों को व्यक्तिगत रूप से घर-घर जाकर वोट मांगने से सख्ती से रोकता है। अधिकारियों का ऐसा मानना है कि इस तरह की बातचीत वोटर को अनुचित रूप से प्रभावित या फिर उन पर दबाव डाल सकती है।

हालांकि भारत में घर-घर जाकर प्रचार करना सबसे आम राजनीतिक रणनीतियों में से एक है। इसमें उम्मीदवार सीधे मतदाताओं से मिलते हैं, पर्चे बांटते हैं और स्थानीय स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाते हैं। यहां उम्मीदवार आमतौर पर लाउडस्पीकर लगी छोटी वैन का इस्तेमाल करके प्रचार करते हैं और रेलवे स्टेशन या फिर व्यस्त चौराहों पर भाषण देते हैं।

जापान चुनावी पोस्टर और विज्ञापन पर कड़ी पाबंदियां लगाता है। उम्मीदवार सिर्फ चुनाव अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराए गए आधिकारिक रूप से निर्धारित सार्वजनिक बोर्ड पर ही पोस्टर लगा सकते हैं। इधर-उधर बैनर लगाना, दीवार पर पोस्टर चिपकाना और काफी ज्यादा राजनीतिक विज्ञापन करना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। भारत में चुनावी मौसम के दौरान आमतौर पर शहर पोस्टर, होर्डिंग्स, बैनर और टेलीविजन के साथ-साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर डिजिटल राजनीतिक विज्ञापनों से भरे हुए नजर आते हैं।

Tag: #nextindiatimes #Japan #Election

RELATED ARTICLE