36 C
Lucknow
Tuesday, May 19, 2026

वो देश जहां गोल्ड से नफरत करते हैं लोग, जानें इसके पीछे की हैरान करने वाली वजह

डेस्क। दुनिया भर में, और खासकर भारत में, सोने (Gold) और हीरों को अमीरी, प्रतिष्ठा और सफलता का प्रतीक माना जाता है। हमारे यहां जिसके पास जितना सोना होता है, समाज में उसे उतना ही ऊंचा स्थान और सम्मान दिया जाता है। लेकिन क्या आप सोच सकते हैं कि इस दुनिया में एक ऐसा कोना भी है जहां सोना पहनना या अपनी दौलत का दिखावा करना लोगों को गहरी ठेस पहुंचा सकता है?

यह भी पढ़ें-भारत के इस राज्य में पाया जाता है सबसे ज्यादा सोना, पढ़ें कैसे होता है खनन?

स्कैंडिनेवियाई देशों (जैसे स्वीडन, नॉर्वे और डेनमार्क) में एक ऐसा अनोखा सामाजिक ताना-बाना है, यहां यदि आपने किसी के सामने अपनी महंगी गोल्ड ज्वेलरी या हीरों का प्रदर्शन किया, तो लोग आपसे प्रभावित होने के बजाय नाराज हो जाते हैं। इस अजीब और हैरान करने वाली सोच के पीछे कोई सरकारी कानून नहीं, बल्कि सदियों पुरानी एक सामाजिक व्यवस्था है, जिसे ‘लॉ ऑफ जांटे’ (Janteloven) कहा जाता है।

इस अलिखित नियम की शुरुआत 1933 में एक लेखक एक्सेल सैंडेमॉस की किताब से हुई थी, जिसने वहां के समाज पर इतनी गहरी छाप छोड़ी कि यह जीवन जीने का एक तरीका बन गया। इस नियम का सीधा और सरल सिद्धांत यह है कि “आप खुद को दूसरों से बेहतर या खास नहीं समझ सकते।” इस संस्कृति में सभी को एक समान माना जाता है, चाहे कोई अरबपति हो या एक साधारण नौकरीपेशा व्यक्ति।

यहाँ के लोगों का मानना है कि सोने, चांदी या हीरों के बड़े-बड़े गहने पहनना समाज के दूसरे लोगों को नीचा दिखाने जैसा है। जब आप अपनी महंगी चीजें दूसरों को दिखाते हैं, तो इसे अहंकार और खुद को श्रेष्ठ साबित करने की कोशिश माना जाता है। इसीलिए, यहां अमीर से अमीर लोग भी बेहद सादगी से रहते हैं। वे ऐसी कारों में चलते हैं जो आम लोग भी खरीद सकें और ऐसे कपड़े पहनते हैं जिनमें कोई दिखावा न हो। अगर कोई विदेशी या स्थानीय नागरिक यहां भारी-भरकम सोने की चेन या अंगूठियां पहनकर घूमता है, तो लोग उसे सम्मान देने के बजाय उससे दूरी बना लेते हैं और इसे सामाजिक रूप से बेहद गलत व्यवहार माना जाता है।

Tag: #nextindiatimes #Gold #Janteloven

RELATED ARTICLE