बेंगलुरु। दलीप ट्रॉफी के पहले सेमीफाइनल में सेंट्रल जोन और ईस्ट जोन के बीच खेले जा रहे मुकाबले में रिंकू सिंह (Rinku Singh) ने एक बार फिर संकटमोचक की भूमिका निभाई है। ईस्ट जोन के कप्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया और उनके गेंदबाजों ने इस फैसले को सही ठहराते हुए सेंट्रल जोन के ऊपरी क्रम को पूरी तरह से बैकफुट पर धकेल दिया।
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हालांकि जब टीम गहरी मुसीबत में नजर आ रही थी, तब रिंकू सिंह ने मैदान पर मोर्चा संभाला और आक्रामक अर्धशतकीय पारी खेलकर सेंट्रल जोन की मैच में वापसी कराई। ईस्ट जोन के तेज गेंदबाजों मुकेश कुमार, अभिजीत सरकार और मोहम्मद शमी की धारदार गेंदबाजी के आगे सेंट्रल जोन के बल्लेबाज काफी दिक्कत में दिखे। अमन मोखाड़े (8), कुणाल चंदेला (6), कप्तान रजत पाटीदार (12) और फॉर्म में चल रहे आर्यन जुयाल (46) के आउट होने से सेंट्रल जोन ने महज 125 रन तक अपने 5 अहम विकेट गंवा दिए थे।

एक छोर से लगातार गिरते विकेटों के बीच रिंकू सिंह ने न केवल विकेट पतन को रोका बल्कि रन गति को भी बनाए रखा। रिंकू ने 88 गेंदों में 8 चौकों की मदद से 60 रनों की शानदार पारी खेली। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 68.18 का रहा। रिंकू ने निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ मिलकर पारी को संभाला। रिंकू ने हर्ष दुबे के साथ मिलकर छठे विकेट के लिए 85 गेंदों में 55 रन जोड़े और टीम का स्कोर 180 के पार पहुंचाया। इसके बाद उन्होंने सारांश जैन के साथ 7वें विकेट के लिए 29 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम को सम्मानजनक स्थिति तक पहुंचाया।
रिंकू सिंह की इस जुझारू पारी के बदौलत सेंट्रल जोन ने 70 ओवरों में 8 विकेट के नुकसान पर 219 रन बना लिए हैं। हालांकि मुकेश कुमार की गेंद पर अनुकूल रॉय को कैच थमाकर रिंकू 213 के स्कोर पर 8वें विकेट के रूप में आउट हो गए, लेकिन तब तक वे टीम को एक लड़ने लायक स्कोर तक पहुंचा चुके थे। ईस्ट जोन के लिए मुकेश कुमार ने 3, अभिजीत सरकार और मोहम्मद कौनैन कुरैशी ने 2-2 विकेट जबकि मोहम्मद शमी ने 1 विकेट चटकाया है।
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