अदालत में जज क्यों ठोकते हैं हथौड़ा? जानिए इस परंपरा की दिलचस्प वजह

डेस्क। जब भी किसी बॉलीवुड फिल्म या फिर टीवी सीरियल में कोर्ट रूम का सीन दिखाया जाता है तो अक्सर एक जाना पहचान पल आता है। जज (judges) ऑर्डर ऑर्डर चिल्लाते हैं और डेस्क पर लकड़ी का एक छोटा सा हथौड़ा मारते हैं। इस चीज को गैवल कहा जाता है। पारंपरिक रूप से इसे कोर्ट रूम के अंदर अनुशासन और अधिकार बनाए रखने से जोड़ा जाता है लेकिन इसे क्यों शुरू किया गया था, आईये जानते हैं।

यह भी पढ़ें-कर्फ्यू और धारा 144 में क्या है अंतर, जानें किसमें मिलती है छूट और किसमें होती है जेल

यह लकड़ी का छोटा हथौड़ा होता है जिसका इस्तेमाल जज पारंपरिक रूप से कोर्ट रूम में शांति और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए करते हैं। जब वकील, गवाह या फिर मौजूद दूसरे लोग जोर-जोर से बहस करने लगते हैं या फिर बिना इजाजत के बोलने लगते हैं तो जज सबका ध्यान तुरंत खींचने के लिए लकड़ी के साउंड ब्लॉक पर इस हथौड़े को मार सकते हैं।

इस तेज आवाज का मकसद इस बात का संकेत देना होता है कि जब चाहते हैं की कार्यवाही कुछ समय के लिए रुक जाए और सब लोग चुप रहें। इस तरह यह हथौड़ा अनुशासन बनाए रखने और इस बात को पक्का करने से जुड़ गया है कि कोर्ट रूम की कार्यवाही व्यवस्थित तरीके से चलती रहे।

यह हथौड़ा सिर्फ शोर मचाने का औजार नहीं है। वक्त के साथ यह न्यायिक अधिकार, गरिमा और कोर्ट रूम की कार्यवाही पर कंट्रोल का एक शक्तिशाली प्रतीक बन गया। जज की जिम्मेदारी होती है कि वह इस बात को पक्का करे कि दोनों पक्षों को अपनी दलील पेश करने का निष्पक्ष मौका मिले और कार्यवाही में कोई अव्यवस्था ना फैले। इस हथौड़े का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से जज के अधिकार का इस्तेमाल करने और कार्रवाई को वापस कंट्रोल में लाने का प्रतीक माना जाता है।

हथौड़ा मारने की यह परंपरा आमतौर पर अंग्रेजी बोलने वाली कानूनी प्रणाली से जुड़ी है और इसके विकास की कहानी शोर शराबे वाली या फिर अव्यवस्थित कार्यवाही को कंट्रोल करने की जरूरत से जुड़ी है। एक आम तौर पर बताई जाने वाली कहानी के मुताबिक इंग्लैंड में जज कभी-कभी कोर्ट रूम की कार्यवाही के दौरान अव्यवस्था सैलरी पर ध्यान खींचने के लिए अपनी लकड़ी की डेस्क या फिर मेज का इस्तेमाल करते थे। ऐसा कहा जाता है कि वक्त के साथ यह तरीका एक अलग लकड़ी के हथौड़े के इस्तेमाल में बदल गया। इसके बाद हथौड़ा अदालत और दूसरी औपचारिक कार्यवाही से मजबूती से जुड़ गया।

Tag: #nextindiatimes #judges #court

RELATED ARTICLE