स्पोर्ट्स डेस्क। दलीप ट्रॉफी (Duleep Trophy) का फाइनल चेन्नई में खेला जा रहा है, जिसकी पहली पारी में ईस्ट जोन ने 708 रनों का विशाल स्कोर बनाया। कप्तान ईशान किशन ने 270 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली, कुमार कुशाग्र ने शतक जड़ा। इससे पहले वैभव सूर्यवंशी (44) और अभिमन्यु ईश्वरन (72) ने पहले विकेट के लिए शतकीय साझेदारी कर अच्छी शुरुआत दिलाई थी।
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ईशान किशन ने पारी घोषित नहीं करने का फैसला नियमों को देखते हुए ही लिया। कप्तान ईशान ने फाइनल में 270 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें उन्होंने 7 छक्के और 30 चौके जड़े। साउथ जोन की पहली पारी में शुरूआती 2 विकेट 70 के स्कोर पर गिर गए। आज मंगलवार को टेस्ट का तीसरा दिन है। अभी जो स्थिति है, उसे देखते हुए तो फैंस के मन में यही सवाल है कि अगर दलीप ट्रॉफी का फाइनल ड्रा होता है तो ट्रॉफी किसे दी जाएगी?
बता दें कि इस स्थिति में संयुक्त रूप से दोनों टीमों को विजेता घोषित नहीं किया जाता। रेड-बॉल क्रिकेट के नॉकआउट मैचों में इसको लेकर स्पष्ट नियम बने हुए हैं, दलीप ट्रॉफी और रणजी ट्रॉफी का फाइनल भी इसके तहत आते हैं। नियम के अनुसार अगर दलीप ट्रॉफी फाइनल ड्रा पर समाप्त होता है तो पहली पारी में बढ़त हासिल करने वाली टीम को चैंपियन घोषित किया जाएगा।

नियमों को देखें तो ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन बनाकर खुद को मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया है। अब अगर साउथ जोन 707 या इससे कम रन बनाती है तो फिर चाहे मैच ड्रा भी रहे, ईस्ट जोन दलीप ट्रॉफी 2026 की चैंपियन बन जाएगी।
दूसरे दिन खेल समाप्ति के बाद ईशान किशन ने बाहरी दबाव और उम्मीदों से छुटकारा पाना ही उनके हालिया अच्छे फॉर्म की वजह थी। उन्होंने कहा, “मैंने अपने आप को बदलने की कोई खास कोशिश नहीं की। यह अपने आप हुआ। मैं टीम से बाहर था, तो एहसास हुआ कि आखिरकार रन बनाना ही हमारा काम है। यही आपके करियर में आपकी मदद करती है।”
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