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रविवार, अगस्त 16, 2026

पान मसाला एड पर क्यों फंसे शाहरूख और अजय देवगन? क्या हो सकता है एक्शन

मुंबई। महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान (Shah Rukh Khan), अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को विमल इलायची के विज्ञापन के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। रेगुलेटर का यह आरोप है कि ये विज्ञापन पान मसाला के सरोगेट प्रमोशन के दायरे में आ सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि पान मसाला पर राज्य में प्रतिबंध है।

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एक्टर्स को अपना पक्ष रखने और एंडोर्समेंट से जुड़े दस्तावेज जमा करने के लिए 15 दिन की मोहलत दी गई है। यह मामला सिर्फ एक विज्ञापन तक सीमित नहीं है। 11 अगस्त 2026 की तारीख वाले 9 पन्नों के ये नोटिस महाराष्ट्र के फूड सेफ्टी कमिश्नर और फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन प्रमुख तुकाराम मुंडे ने जारी किए थे। रेगुलेटर ने मुख्य रूप से फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट 2006 के प्रावधानों का हवाला दिया।

इस एक्ट की धारा 24 उन विज्ञापनों पर रोक लगाती है जो खाद्य उत्पादों के संबंध में झूठे, गुमराह करने वाले या फिर धोखा देने वाले हों। फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन का तर्क यह है कि पान मसाला से मजबूती से जुड़ी ब्रांड पहचान के तहत विमल इलायची का प्रचार करने से यह धारणा बन सकती है कि उपभोक्ताओं को प्रतिबंधित उत्पाद खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

दूसरा प्रावधान धारा 30 (2) (a) है। महाराष्ट्र ने राज्य में पान मसाला, तंबाकू और गुटखा निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर 13 जुलाई 2026 से 1 साल का प्रतिबंध लगाया है। इस वजह से रेगुलेटर यह जांच कर रहा है कि क्या उसी ब्रांड से जुड़ा विज्ञापन उस प्रतिबंध को दरकिनार कर सकता है।

अगर अधिकारी इस नतीजे पर पहुंचता है कि विज्ञापन में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट 2006 का उल्लंघन किया है तो सेक्शन 53 के तहत खाने पीने की चीजों के गुमराह करने वाले विज्ञापन के लिए ₹10 लाख तक का जुर्माना हो सकता है। कंज्यूमर प्रोटक्शन एक्ट के तहत भी कार्रवाई हो सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला केंद्रीय कंज्यूमर प्रोटक्शन अथॉरिटी को भेज दिया गया है। इसके पास गुमराह करने वाले विज्ञापनों और एंडोर्समेंट के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार है। पहली बार उल्लंघन करने पर एंडोर्सर को 1 साल तक प्रोडक्ट का एंडोर्समेंट करने से रोका जा सकता है और ₹10 लाख तक का जुर्माना भी लग सकता है। बार-बार उल्लंघन करने पर एंडोर्समेंट पर रोक 3 साल तक बढ़ाई जा सकती है और जुर्माना 50 लाख तक हो सकता है।

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