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सोमवार, जून 29, 2026

दुनिया में पहली किताब किसने और कब छापी थी, पढ़ें किताबों का अनोखा इतिहास

डेस्क। किताबों (Book) ने हजारों सालों से इंसानी ज्ञान को संजोकर रखा है लेकिन प्रिंटिंग का इतिहास काफी लोगों की सोच से कहीं साल पहले ही शुरू हो गया था। वैसे तो यूरोप में प्रिंटिंग में क्रांति लाने का क्रेडिट बड़े पैमाने पर जोहान्स गुटेनबर्ग को दिया जाता है लेकिन दुनिया की सबसे पुरानी बची हुई प्रिंटेड किताब असल में चीन में लगभग 600 साल पहले बनी थी।

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सबसे पुरानी प्रमाणित प्रिंटेड किताब डायमंड सूत्र है। यह एक बौद्ध ग्रंथ है और इसे 11 मई 868 ईस्वी को वांग जी ने प्रिंट किया था। इसे वुड ब्लॉक प्रिंटिंग का इस्तेमाल करके बनाया गया था और इसे लोगों में मुफ्त बांटने के लिए उनके माता-पिता को समर्पित किया गया था। जोहान्स गुटेनबर्ग ने 15वीं सदी में यूरोप में मैकेनिकल मूवेबल टाइप प्रिंटिंग प्रेस की शुरुआत की और 1455 में मशहूर गुटेनबर्ग बाइबल प्रिंट की। उनके इस आविष्कार ने बड़े पैमाने पर प्रिंटिंग में क्रांति ला दी।

सबसे पहले लिखे गए रिकॉर्ड प्राचीन मेसोपोटामिया में लगभग 3000 से 3500 ईसा पूर्व मिट्टी की पट्टियों पर मिले थे। भारत की सभ्यता ने कागज के बड़े पैमाने पर मौजूद होने से पहले मिस्र में पेपिरस और यूरोप में जानवरों की खाल से बने पार्चमेंट को अपनाया था। प्राचीन चीनी प्रिंटर लकड़ी के ब्लॉक पर पूरे पेज उकेरते थे। साथ ही उन पर स्याही लगाते थे और उन्हें कागज पर दबाते थे।

इस तकनीक ने डायमंड सूत्र के साथ धार्मिक ग्रंथो की बड़े पैमाने पर नकल बनाना मुमकिन किया। लगभग 1041 ईस्वी में बी शेंग ने चीन में मूवेबल क्ले टाइप विकसित किए। इससे अलग-अलग पेजों के लिए अलग-अलग अक्षरों को फिर से व्यवस्थित किया जा सकता था। बाद में कोरिया ने मेटल मूवेबल टाइप पेश करके इस तकनीक को आगे बढ़ाया और 1377 में मशहूर जिकजी का निर्माण किया।

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