हेल्थ डेस्क। दादी-नानी के घरेलू नुस्खों से लेकर मेडिकल साइंस तक ने पाया है कि शहद (honey) का सेवन अति लाभकारी है। पाचन स्वास्थ्य से लेकर त्वचा की कई समस्याओं को दूर करने में इसके फायदे हैं। शहद आपकी त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखने वाले पोषक तत्वों से भरपूर होती है।
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सदियों से आयुर्वेदाचार्य इसे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, पाचन सुधारने, गले की खराश दूर करने और घाव भरने जैसी अनेक स्थितियों में उपयोग करते आए हैं। इतना ही नहीं, आयुर्वेद में शहद को योगवाही भी कहा गया है, यानी ऐसा माध्यम जो दूसरी औषधियों के गुणों को शरीर के ऊतकों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में मदद करता है।
शहद में एंटीऑक्सीडेंट से लेकर कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम कॉपर, पोटेशियम, मैंगनीज और जिंक जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व होते हैं। ये सभी आपके स्वास्थ्य को स्वाभाविक रूप से बढ़ावा देने के लिए बहुत आवश्यक माने जाते रहे हैं। शहद को आयुर्वेद में शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता को बेहतर बनाने वाला बताया गया है। अध्ययनों में भी पाया गया है कि शहद में प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट, फ्लेवोनॉयड्स और फिनोलिक यौगिक पाए जाते हैं, जो शरीर में बनने वाले फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान को कम करने में भूमिका निभाते हैं।

पाचन की कई समस्याओं को दूर करने के लिए शहद का सेवन असरदार पाया गया है। शहद में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होते हैं जो आपके गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सिस्टम को बढ़ावा देने में मददगार हो सकते हैं। पाचन को बढ़ावा देने में मदद करने के साथ शहद एसिड रिफ्लक्स को कम करने में भी सहायक है। एक चम्मच शहद को गुनगुने पानी में मिला कर इसका सेवन करना पाचन के लिए फायदेमंद है।
सर्दी, एलर्जी के कारण होने वाले गले में खराश को दूर करने में भी शहद का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है। शहद के एंटी-बैक्टीरियल गुण गले के संक्रमण और सर्दी के लक्षणों को कम करने में मदद करते हैं। शहद के सेवन से गले में खराश के कारण होने वाला दर्द और इंफ्लामेशन कम होता है। काली मिर्च के साथ एक चम्मच शहद का सेवन गले के संक्रमण को ठीक करने में लाभकारी पाया गया है।
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