उत्तराखंड। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत (Harish Rawat) ने पार्टी के सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे दिया है।
उन्होंने उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) और कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) के पदों को छोड़ने का फैसला किया है। राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले इस कदम से सियासी हलचल तेज हो गई है।
यह भी पढ़ें-उम्रकैद काट रहे कांग्रेस नेता सज्जन कुमार का निधन, सिख विरोधी दंगों के थे दोषी
इस्तीफे के पीछे का मुख्य कारण:
शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने देहरादून में हरीश रावत के पूर्व OSD/PA चंदन सिंह जीना के परिसरों पर छापेमारी की थी।
यह कार्रवाई UKSSSC भर्ती घोटाले के सिलसिले में की गई थी। इस रेड के बाद सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट लिखकर हरीश रावत ने अपने त्यागपत्र की घोषणा कर दी।
हरीश रावत की सोशल मीडिया पोस्ट की मुख्य बातें:
हरीश रावत ने अपनी पोस्ट में कई महत्वपूर्ण बातें साझा की हैं:
- सहयोगी का बचाव: रावत ने कहा कि चंदन सिंह जीना उनके साथ पदों पर रहे हैं और बेहद सज्जन व्यक्ति हैं। हालांकि, यदि उन्होंने कोई गलती की है तो वह उसके लिए लज्जित हैं, लेकिन उन्हें इन आरोपों पर भरोसा नहीं है।
- राजनीतिक साजिश का आरोप: उन्होंने कहा कि चुनाव से ठीक पहले एक नया नरेटिव बनाने के लिए उनके सहयोगी के घर पर छापेमारी की गई है।
- पार्टी की छवि की सुरक्षा: हरीश रावत ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रही है। राहुल गांधी शिक्षा प्रणाली के भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। ऐसे में वह नहीं चाहते कि उनकी वजह से पार्टी के इस संघर्ष में कोई कमजोरी आए।
- जनता से माफी: उन्होंने कहा कि अगर उनकी सरकार के दौरान नियुक्तियों में कोई निर्णय की गलती (Error of Judgment) हुई थी, तो वह उत्तराखंड की जनता से क्षमा मांगते हैं।
- नियुक्ति की प्रक्रिया पर सफाई: उन्होंने UKSSSC के पूर्व चेयरमैन की नियुक्ति का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी नियुक्ति पूर्व रिकॉर्ड और पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी की सलाह पर की गई थी।
भ्रष्टाचार के खिलाफ पार्टी का रुख:
हरीश रावत ने स्पष्ट किया कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी पार्टी की लड़ाई को मजबूत रखना चाहते हैं। इसी वजह से उन्होंने अपने ईष्ट देवता का स्मरण करके अपने पदों से हटने का बड़ा फैसला लिया।
उनका मानना है कि इस कदम से कांग्रेस पार्टी पर विरोधी पक्ष के राजनीतिक हमलों का असर कम होगा और कार्यकर्ता एकजुट होकर चुनाव लड़ सकेंगे।
Tag: #nextindiatimes #HarishRawat #Congress




