हेल्थ डेस्क। कैंसर (Cancer) को अक्सर बुजुर्गों की बीमारी माना जाता था। लेकिन अब यह तस्वीर तेजी से बदल रही है। दुनिया भर में 40 वर्ष से कम उम्र के युवाओं में कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे वैज्ञानिक और डॉक्टर चिंतित हैं।
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विशेष रूप से कम उम्र के लोगों में ये कैंसर अधिक देखने को मिल रहे हैं:
- स्तन का कैंसर (Breast Cancer)
- आंत का कैंसर (Colon Cancer)
- पेट का कैंसर (Stomach Cancer)
- अग्न्याशय का कैंसर (Pancreatic Cancer)
कैंसर बढ़ने के मुख्य कारण:
युवाओं में कैंसर के मामले बढ़ने के पीछे कई मुख्य वजहें जिम्मेदार हैं:
- गलत खान-पान: जंक फूड और प्रोसेस्ड आहार का अधिक सेवन।
- बदलती जीवनशैली: शारीरिक गतिविधियों की कमी और तनाव।
- मोटापा: शरीर का अत्यधिक वजन कई बीमारियों का कारण बनता है।
- शराब और धूम्रपान: नशीले पदार्थों का सेवन शरीर को नुकसान पहुंचाता है।
- पर्यावरणीय कारण: प्रदूषण और केमिकल्स का बढ़ता प्रभाव।

कीमोथेरेपी के दुष्प्रभाव और चुनौतियां:
कैंसर का इलाज सिर्फ ट्यूमर को खत्म करने तक सीमित नहीं होता। इलाज के दौरान मरीजों को कई गंभीर दुष्प्रभावों से गुजरना पड़ता है। इसमें मितली (Nausea) और उल्टी (Vomiting) की समस्या सबसे आम है।
कीमोथेरेपी की दवाएं पेट, आंतों और मस्तिष्क के उल्टी को नियंत्रित करने वाले हिस्से को प्रभावित करती हैं। कुछ मरीजों को दवा मिलते ही उल्टी महसूस होने लगती है, जबकि कुछ लोगों में यह समस्या कई दिनों तक बनी रहती है।
लगातार उल्टी होने से मरीज के शरीर में पानी की गंभीर कमी (Hydration) हो जाती है। इसके अलावा कमजोरी आने लगती है और पोषण की भारी कमी हो जाती है। इसी वजह से मरीज की रिकवरी धीमी पड़ने लगती है।
कैंसर मरीजों के लिए राहत की बड़ी खबर
इस समस्या से राहत दिलाने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने एक नया समाधान खोज निकाला है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की विशेषज्ञ समिति ने ओन्डैनसेट्रॉन (Ondansetron) एक्सटेंडेड रिलीज इंजेक्टेबल सस्पेंशन (100 mg/1 ml) के निर्माण और बाजार में बिक्री की सिफारिश की है।
नए इंजेक्शन के प्रमुख फायदे:
- लंबा असर: यह इंजेक्शन शरीर में लंबे समय तक काम करता है, जिससे बार-बार दवा लेने की जरूरत नहीं पड़ती।
- उल्टी से राहत: कीमोथेरेपी के बाद होने वाली मितली और उल्टी पर तुरंत और असरदार नियंत्रण पाता है।
- बेहतर पोषण: उल्टी रुकने से मरीज सही से खाना-पीना खा पाते हैं, जिससे डिहाइड्रेशन और कमजोरी की समस्या नहीं होती।
- आसान इलाज: मरीज की शारीरिक स्थिति में सुधार होने से कैंसर का इलाज बिना रुकावट के आगे बढ़ता है।
यह नया इंजेक्शन कैंसर मरीजों की राह आसान बनाने और इलाज के दौरान उनकी जीवन गुणवत्ता सुधारने में एक बड़ा कदम साबित होगा।
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