कभी छुपाती थीं अपना सरनेम, कम उम्र में ही पा लिया मुकाम; जानें कौंन हैं अनन्या बिड़ला

मुंबई। उद्योग जगत के सबसे मशहूर परिवारों में से एक ‘बिड़ला परिवार’ की बेटी अनन्या बिड़ला (Ananya Birla) आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। देश के जाने-माने उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला की बेटी होने के बावजूद अनन्या ने केवल अपने पारिवारिक नाम के सहारे जीने के बजाय खुद की एक अलग पहचान बनाई है। अनन्या आंत्रप्रेन्योर हैं, सिंगर-लिरिसिस्ट हैं और आदित्य बिड़ला ग्रुप की लीडर होने के साथ ही मेंटल हेल्थ एडवोकेट भी हैं।

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एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि बिड़ला सरनेम के साथ उन्हें एक बड़ी लेकिन भारी पहचान मिली। ऐसे में वो स्कूल में अपना सरनेम छुपाने लगीं, ताकि किसी को पता न चले कि वो बिड़ला की बेटी हैं। लोग उन्हें अमीर परिवार की लड़की समझकर अलग तरह से ट्रीट न करें। उनके अनुसार एक दिन स्कूल से घर लौटते वक्‍त उन्‍हें माइक्रो-फाइनेंस स्टार्टअप कंपनी का आइडिया आया। 2012 में 17 साल की उम्र में 10 हजार से ‘स्वतंत्र माइक्रोफिन’ कंपनी की शुरुआत की, जो अब 60 हजार करोड़ की है।

इस स्टार्टअप के लिए उन्होंने कोटक महिंद्रा बैंक से लोन लिया था। अब ये देश की दूसरी सबसे बड़ी माइक्रो फाइनेंस कंपनी है, जिसे अनन्या ने गांवों और कस्बों की विमेन आंत्रप्रेन्योर्स को आत्मनिर्भर बनाने के आइडिया के साथ शुरू किया था।

अनन्या एक ट्रेंड म्यूज़िक आर्टिस्ट भी हैं। उन्होंने अंग्रेज़ी में कई सिंगल्स रिलीज़ किए हैं जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय हुए। उनके गानों को प्लैटिनम और गोल्ड सर्टिफिकेशन मिला है और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर परफॉर्म भी किया है। अनन्या 8 साल की थी जब उन्होंने पहली बार संतूर म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट बजाया था। 11 साल की उम्र में लेडी गागा के एक कॉन्सर्ट में म्यूजिक को लेकर प्यार जगा, तभी तय किया कि म्यूजिशियन बनना है।13 साल की उम्र से कविताएं लिखने और गाने लगी थीं।

स्टाफ को देती हैं मेंटल हेल्थ लीव:

अनन्या मेंटल हेल्थ को लेकर काफी वोकल हैं। 2020 में मेंटल हेल्थ एडवोकेसी के लिए उन्होंने अनन्या बिड़ला फाउंडेशन बनाया। अनन्या मेंटल स्ट्रेस को लेकर काफी परेशान हुईं। एंजायटी अटैक्स आते थे। लेकिन धीरे-धीरे अपने मेंटल स्ट्रेस को सुपरपावर में बदला। जब मेंटली परेशान होती हैं तो हनुमान चालीसा पढ़ती हैं और चलती हैं। उनका मानना है कि लो फील करने पर मूवमेंट जरूरी है। इससे पूरा सोचने का तरीका बदल जाता है। अनन्या अपने स्टाफ को बाकी लीव्स के साथ मेंटल हेल्थ लीव भी देती हैं।

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