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बुधवार, जून 10, 2026

जवाहरलाल नेहरू नहीं; इस शख्स ने बनाई थी देश में पहली सरकार

नई दिल्ली। जब लोग भारत के पहले प्रधानमंत्री के बारे में बात करते हैं तो स्वाभाविक रूप से जवाहरलाल नेहरू का नाम दिमाग में आता है। हालांकि 1947 में भारत को आजादी मिलने से कई साल पहले एक क्रांतिकारी नेता विदेश में बनी भारत की पहली सरकार के प्रधानमंत्री के तौर पर काम कर चुके थे। वे नेता मौलाना बरकतुल्लाह खान भोपाली थे। वे एक स्वतंत्रता सेनानी थे और उन्होंने अपना जीवन ब्रिटिश शासन से भारत की आजादी दिलाने के लिए समर्पित कर दिया था।

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प्रथम विश्व युद्ध के दौरान भारतीय क्रांतिकारियों ने ब्रिटिश शासन को उखाड़ फेंकने के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन की कोशिश की। इस कोशिश के तहत 1 दिसंबर 1915 को अफगानिस्तान के काबुल में भारत की अंतरिम सरकार बनाई गई। इस सरकार में राजा महेंद्र प्रताप को राष्ट्रपति नियुक्त किया गया और मौलाना बरकतुल्लाह भोपाली प्रधानमंत्री बने। उनके साथ मौलाना अबैदुल्लाह सिंधी ने गृहमंत्री के तौर पर काम किया।

निर्वासित सरकार (government) के प्रधानमंत्री के तौर पर मौलाना बरकतुल्लाह ने जर्मनी, तुर्की और रूस जैसे देशों से राजनीतिक और सैन्य समर्थन पाने के लिए काफी ज्यादा प्रयास किया। इसका मकसद भारत में ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के खिलाफ एक वैश्विक गठबंधन बनाना था।

मौलाना बरकतुल्लाह 1913 में सैन फ्रांसिस्को में गदर पार्टी के गठन के पीछे मुख्य हस्तियों में से एक थे। लाला हरदयाल और सोहन सिंह भकना जैसे क्रांतिकारी नेताओं के साथ काम करते हुए उन्होंने भारत की आजादी के लिए समर्पित एक अंतरराष्ट्रीय आंदोलन खड़ा करने में मदद की। जापान में रहते हुए उन्होंने द इस्लामिक फ्रेटरनिटी नाम का एक अखबार निकाला जिसमें ब्रिटिश साम्राज्यवाद की कड़ी आलोचना की गई थी। उनकी लेखनी इतनी प्रभावशाली हो गई कि अंत में ब्रिटिश दबाव की वजह से उन्हें देश छोड़ना पड़ा।

Tag: #nextindiatimes #government #JawaharlalNehru

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