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Wednesday, April 22, 2026

कौन हैं मैतेई और कुकी समुदाय, जानें दोनों कैसे बने एक दूसरे के जानी दुश्मन?

मणिपुर। कुछ समय की शांति के बाद मणिपुर में एक बार फिर से हिंसा बढ़ चुकी है। 5 साल के बच्चे और 6 महीने के बच्ची की हत्या, एक सुरक्षाकर्मी की हत्या और 19 अप्रैल से पूरे राज्य में बंद के साथ राज्य एक बार फिर से अस्थिरता की तरफ धकेल दिया गया है। इस संघर्ष के केंद्र में दो बड़े समुदाय हैं-मैतेई और कुकी समुदाय।

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मणिपुर का सबसे बड़ा समुदाय मैतेई (Meitei) ही है, जिसका राज्य की राजधानी इंफाल में बड़ा प्रभुत्व माना जाता है। आमतौर पर इन्हें ही मणिपुरी कहा जाता है। हैरान करने वाली बात ये है कि मैतेई की इतनी संख्या होने के बावजूद मणिपुर की भूमि के करीब 10 फीसदी हिस्से पर ही उनका कब्जा है। इस समुदाय के ज्यादातर लोग हिंदू हैं, जबकि कुकी और नागा मुख्य रूप से ईसाई हैं।

मणिपुर और मिजोरम राज्य के दक्षिण पूर्वी हिस्से में रहने वाली एक जनजाति, कुकी है। कई पहाड़ी जनजातियों में एक कुकी भी है, जो भारत, म्यांमार और बांग्लादेश में पाए जाते हैं। कुकी के बारे में ऐसा बताया जाता है कि ये उत्तर पूर्व भारत के करीब सभी राज्यों में मौजूद हैं, अगर अरुणाचल प्रदेश को छोड़ दिया जाए तो…। राज्य की 90 फीसदी भूमि पर कुकी और नागा का कब्जा है।

वर्तमान में मैतेई और कुकी के बीच जो विवाद छिड़ा है, उस संघर्ष की वजह आरक्षण का मुद्दा है। मैतेई समुदाय के लोग लंबे समय से आरक्षण की मांग कर रहे हैं। चूकि पहाड़ियों में रहने वाले कुकी समुदाय के लोगों को अनुसूचित जनजातियों की लिस्ट में शामिल हैं, लेकिन मैतेई को सरकार ने उस सूची में जगह नहीं दी है। यही वजह है कि मैतेई ने अपनी इस मांग को तूल दिया।

Tag: #nextindiatimes #Meitei #Manipur #Kuki

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