G-7 का सदस्य नहीं है भारत, फिर भी PM Modi को क्यों मिला न्योता? जानें वजह

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के निमंत्रण पर 16-17 जून को होने वाले जी 7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए फ्रांस पहुंचे हैं। इसी बीच आइए जानते हैं कि जी 7 का सदस्य ना होने के बावजूद भी भारत को निमंत्रण क्यों दिया गया?

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जी 7 या फिर ग्रुप ऑफ सेवन दुनिया के प्रमुख विकसित और औद्योगिक अर्थव्यवस्थाओं का एक अनौपचारिक मंच है। यह समूह एक ऐसे मंच के रूप में काम करता है जहां सदस्य देशों के बीच प्रमुख आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की जाती है। इसमें संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और कनाडा शामिल हैं। ये देश सामूहिक रूप से दुनिया की कुछ सबसे बड़ी एडवांस्ड अर्थव्यवस्थाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं।

हालांकि भारत औपचारिक सदस्य नहीं है इसके बावजूद भी उसे फ्रांस में आयोजित 52वें जी 7 शिखर सम्मेलन में एक सहयोगी देश के रूप में आमंत्रित किया गया है। भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, बढ़ते राजनीतिक प्रभाव और वैश्विक मामलों में रणनीतिक स्थिति ने इसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा में एक बड़ा भागीदारी बना दिया है। जी 7 देश यह मानते हैं कि भारत की भागीदारी के बिना कई वैश्विक चुनौतियों का प्रभावी ढंग से समाधान नहीं किया जा सकता।

भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था में से एक के रूप में उभरा है। अब इसे दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि यह जल्द ही वैश्विक स्तर पर तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। इस आर्थिक विकास ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के प्रभाव को बढ़ा दिया है।

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