लाइफस्टाइल डेस्क। मुंह में दिखाई देने वाले लक्षण अक्सर हमारे शरीर की पोषण स्थिति के बारे में संकेत देते हैं। खासतौर पर मैग्नीशियम (Magnesium) की कमी के कारण कई बार मुंह में अलग-अलग समस्याएं दिखने लगती हैं। मैग्नीशियम एक महत्वपूर्ण मिनरल है जो मांसपेशियों, हड्डियों, दांतों, नर्वस सिस्टम और मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करता है।
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इसकी कमी को नजरअंदाज करना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। अगर आपके मसूड़े बार-बार ब्रश करते समय या बिना वजह खून छोड़ते हैं, तो यह सिर्फ मसूड़ों की कमजोरी नहीं बल्कि मैग्नीशियम की कमी का संकेत हो सकता है। मैग्नीशियम हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाए रखता है। इसकी कमी से दांत कमजोर, टूटने वाले और कैविटी की समस्या बढ़ सकती है।

लगातार माउथ अल्सर (छाले) होना इम्यून सिस्टम की कमजोरी और मिनरल्स की कमी से जुड़ा हो सकता है, खासकर जब शरीर में मैग्नीशियम का स्तर कम हो। मुंह में बार-बार सूखापन महसूस होना भी मैग्नीशियम की कमी का लक्षण है, क्योंकि यह मिनरल मांसपेशियों और नर्व फंक्शन को संतुलित करता है। रात में नींद के दौरान दांत पीसने की आदत कई बार नर्वस सिस्टम पर असर डालने वाली मैग्नीशियम की कमी से जुड़ी होती है।
लार का कम बनना और पाचन एंजाइम्स की गड़बड़ी मैग्नीशियम की कमी के कारण होती है, जिससे मुंह से बदबू आ सकती है। होठ बार-बार फटना, उन पर जलन होना और कोनों में घाव बन जाना भी मिनरल्स की कमी के साथ-साथ मैग्नीशियम डिफिशियेंसी का संकेत हो सकता है। नियमित हेल्थ चेकअप और हेल्दी डाइट से इस कमी को आसानी से पूरा किया जा सकता है। स्ट्रेस कम करें, पर्याप्त नींद लें और प्रोसेस्ड फूड की जगह नेचुरल डाइट पर ध्यान दें।
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