नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) को शनिवार (18 जुलाई) को जंतर-मंतर से दिल्ली पुलिस ने हटाकर सफदरजंग अस्पताल में एडमिट कराया है। सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक सफदरजंग अस्पताल की इमरजेंसी बिल्डिंग की 8वीं मंजिल पर एडमिट हैं। इस बिल्डिंग की टॉप फ्लोर यानि 8वीं मंजिल की लिफ्ट भी इस फ्लोर पर नहीं रुक सकती। उसको बंद कर दिया गया है।
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यह फ्लोर प्राइवेट कमरों के लिए बना है। इस फ्लोर पर दिल्ली पुलिस (Delhi Police) का सख्त पहरा है। जानकारी के मुताबिक सोनम वांगचुक की तबीयत ठीक बताई जा रही है। वहीं सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंग्मो फिलहाल अस्पताल में नहीं हैं। अस्पताल के बाहर दो बसों में CRPF बल बड़ी संख्या में आए हैं।
एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के डॉक्टर, डॉ. नितिन दिघे ने बताया कि वह और उनकी टीम पिछले 20 दिनों से वांगचुक का चेकअप कर रहे हैं। अब तक उनके वकीलों और हमें उनसे मिलने की इजाजत नहीं दी गई है। उनकी पत्नी यहां हैं और उन्हें मिलने दिया जा रहा है। उनकी पत्नी ने कहा है कि 20 जुलाई को संसद तक मार्च तय कार्यक्रम के अनुसार होगा और वांगचुक भी उसमें शामिल होंगे लेकिन अगर वह नहीं आ पाएंगे तो उनकी पत्नी उसमें शामिल होंगी।

वांगचुक को शनिवार सुबह भूख हड़ताल के 21वें दिन, जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल लाया गया था। उन्होंने अस्पताल के बाहर भारी पुलिस बल की मौजूदगी पर भी सवाल उठाए और कहा कि परिवार के लोगों को मोबाइल फोन अंदर ले जाने की अनुमति नहीं दी जा रही, जिससे ऐसा लग रहा है कि वे ‘जेल’ में हैं।
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