नई दिल्ली। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की ढाका वापस लौटने की योजना के बीच भारत ने मंगलवार को सधी हुई प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस मुद्दे पर उसके रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “इस मामले में हमारे रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। प्रत्यर्पण का कोई भी मामला एक कानूनी मुद्दा है और इसे उसी के अनुसार निपटाया जाएगा।” उन्होंने यह जवाब इस मुद्दे पर एक प्रश्न पर दिया।
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बता दें कि हिंसक छात्र आंदोलन के चलते पांच अगस्त, 2024 को हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार अपदस्थ हो गई थी। वह उसी समय से भारत में रह रही हैं। उन्होंने पिछले सप्ताह कहा था कि वह स्वेच्छा से स्वदेश लौटने की योजना बना रही हैं। 78 वर्षीय हसीना ने एक इंटरव्यू में कहा था, “वे मेरी वापसी पर मुझे गिरफ्तार कर सकते हैं, वे मुझे मार भी सकते हैं। फिर भी मुझे जाना है।” बांग्लादेश उनके प्रत्यर्पण के लिए भारत से कई बार आग्रह कर चुका है।

बांग्लादेशी प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सलाहकार जाहिद उर रहमान ने मंगलवार को कहा है कि हसीना दुनिया के सबसे अच्छे वकील लेकर ढाका आएं और कोर्ट का सामना करें। हम चाहते हैं कि उनके मुकदमे में पूरी तरह से इंसाफ हो। अगस्त, 2024 से भारत में रह रहीं शेख हसीना के इस साल के आखिर में ढाका लौटने की घोषणा पर जाहिद का यह बयान आया है।
जाहिद उर रहमान ने शेख हसीना (Sheikh Hasina) की वापसी को लेकर हुए सवाल पर ढाका में कहा, ‘हम उनके ऐलान का स्वागत करते हैं क्योंकि हम न्याय सुनिश्चित करना चाहते हैं। देश के लोग चाहते हैं कि उनके अपराधों के लिए उनकी आईसीटी से सुनाई गई मौत की सजा बरकरार रखी जाए। उन्हें दुनिया के सबसे अच्छे वकील लेकर ढाका आने दें।’
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