34.1 C
Lucknow
बुधवार, जुलाई 8, 2026

कहां से आया ‘मानसून’ शब्द और भारत से क्या है कनेक्शन? पढ़ें यहां

डेस्क। देश भर में मानसून (monsoon) की शुरुआत हो चुकी है और इसी मानसून की बारिश ने मुंबई से लेकर दिल्ली तक अफरा-तफरी मचा रखी है। मौसम विभाग भी मानसून को लेकर कई राज्यों में अलर्ट पर दिखा और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहा है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस मानसून शब्द का इस्तेमाल हम हमेशा करते रहते हैं, यह शब्द आखिर आया कहां से हैं और इसका असली मतलब क्या है।

यह भी पढ़ें-इन संकेतों से समझें कि आ गया है ‘मानसून’

मानसून शब्द की जड़ें अरबी भाषा से मिलती है। यह अरबी शब्द मौसिम से बना है, जिसका अर्थ मौसम या साल का एक निश्चित समय होता है। सदियों पहले अरब के नाविक और व्यापार समुद्र के रास्ते पूर्वी अफ्रीका और भारतीय उपमहाद्वीप के बीच व्यापार करते थे। उस समय वे समुद्र में चलने वाली मौसमी हवाओं की दिशाओं के आधार पर अपनी यात्रा तय करते थे। इन्हीं मौसमी हवाओं के लिए मौसिम शब्द का इस्तेमाल किया जाता था।

15वीं और 16वीं शताब्दी में जब पुर्तगाली व्यापारी हिंद महासागर क्षेत्र में पहुंचे तो उन्होंने अरबी शब्द मौसिम को अपने उच्चारण के अनुसार मोनसाहो कहना शुरू कर दिया। बाद में यही शब्द अंग्रेजी में मानसून बन गया। धीरे-धीरे मौसम विभाग ने भी इस शब्द को स्वीकार कर लिया और आज पूरी दुनिया मौसमी हवाओं और उनसे जुड़ी वर्षा प्रणाली के लिए मानसून शब्द का इस्तेमाल करते हैं।

कई लोग अक्सर मानसून का मतलब केवल बारिश समझ लेते हैं, लेकिन मौसम विभाग में इसका अर्थ इससे कहीं ज्यादा व्यापक है। वैज्ञानिकों के अनुसार जब गर्मी के मौसम के बाद हवाओं की दिशा में मौसमी बदलाव होता है, तो उसे मानसून कहा जाता है। समुद्र और जमीन के तापमान में अंतर के कारण हवाएं अपना रूप बदलती है। समुद्र से आने वाली इन हवाओं में नमी होती है, जो आगे बढ़कर बारिश कराती है। यानी मानसून का शब्द केवल वर्षा से नहीं बल्कि मौसमी पवन प्रणाली से हैं।

Tag: #nextindiatimes #monsoon #rain

RELATED ARTICLE