लाइफस्टाइल डेस्क। गर्मी का सितम इस कदर बढ़ चुका है कि लोगों का हाल बेहाल होने लगा है। तेज गर्मी न सिर्फ पसीने का कारण बनती है, बल्कि शरीर को भी थका देती है। इन दिनों डिहाइड्रेशन और Heatstroke जैसी समस्याएं काफी ज्यादा बढ़ जाती है।आमतौर पर लोग इन्हें एक ही मान लेते हैं, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है।
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डिहाइड्रेशन मूल रूप से शरीर में पानी की कमी होने पर होता है। आप जितना पानी पी रहे हैं, उससे कहीं अधिक पानी खो रहे हैं। ऐसे में यह एक धीमी और चुपचाप शुरू से होने वाली प्रक्रिया है, जो छोटे-छोटे संकेतों से शुरू होती है और फिर आपको बुरी तरह प्रभावित करती है।

इन संकतों पर रखें नजर:
सूखापन: मुंह में चिपचिपापन या गले में खुरदुरापन महसूस होना।
यूरिन के रंग में बदलाव: यह सबसे सटीक संकेत है। अगर आपके पेशाब का रंग गहरा हो गया है, तो इसे हल्के में न लें। यूरिन का रंग हल्के नींबू पानी जैसा दिखना चाहिए।
सिरदर्द: अचानक खड़े होने पर चक्कर आना या लगातार बना रहने वाला सिरदर्द, जो ठीक न हो डिहाइड्रेशन का संकेत हो सकता है।
बच्चों के लिए: अगर बच्चे बिना आंसू के रो रहे हैं या असामान्य रूप से शांत और सुस्त लग रहे हैं, तो संभवतः उन्हें डिहाइड्रेशन है।
अगर आपको कुछ अजीब सा महसूस होने लगे- जैसे कंपकंपी, मतली या भ्रमृ तो तुरंत अपना काम रोक दें। किसी ठंडी जगह पर जाएं। अगर कुछ मिनटों में भी आराम न मिले, तो अस्पताल जाएं। अभी छांव में दस मिनट का आराम करना बाद में तीन दिन अस्पताल के बिस्तर पर बिताने से कहीं बेहतर है। समझदारी से काम लें और अपने परिवार का ख्याल रखें।
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