लाइफस्टाइल डेस्क। हीमोग्लोबिन का हाई होना सेल्स में ज्यादा रेड ब्लड सेल्स बनने या फिर प्लाज्मा के कम होने की तरफ इशारा करता है। हीमोग्लोबिन का ज्यादा होना (High Hemoglobin) अपने आप में कोई बीमारी नहीं, लेकिन यह किसी ना किसी समस्या का संकेत जरूर है।
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हीमोग्लोबिन आयरन से भरपूर प्रोटीन है जो शरीर के हर सेल्स में मौजूद होता है। इसका काम है फेफड़ों से ताजा ऑक्सीजन लेकर शरीर के हर टिश्यू, मसल और ऑर्गन तक पहुंचाना।
पुरुषों में 17.2 g/dl से ज्यादा, महिलाओं और बच्चों में 16 g/dl या इससे ऊपर हीमोग्लोबिन का स्तर खतरनाक माना जाता है।
हीमोग्लोबिन हाई होने का प्राइमरी कारण है- रेयर किस्म का ब्लड कैंसर पॉलिसेथेमिया वेरा। इसके सेकंडरी कारणों में शामिल है:
फेफड़े की क्रॉनिक बीमारी- गंभीर अस्थमा, स्लीप एप्निया
धूम्रपान
पहाड़ी इलाकों में रहने की वजह से ऑक्सीजन कम हो जाता है, जो ज्यादा हीमोग्लोबिन बनाने के लिए ट्रिगर करता है
गंभीर रूप से डिहाइड्रेशन की समस्या होने पर
किडनी की बीमारी और ट्यूमर
जन्म से दिल की बीमारी हो या क्रॉनिक सायनॉटिक हार्ट डिजीज हो।

हाई हीमोग्लोबिन के लक्षण:
सिरदर्द
चक्कर या सिर में हल्कापन
आंखों से धुंधला दिखना
थकान और कमजोरी
सांस लेने में परेशानी
हाथ और पैरों की त्वचा लाल रहना
महिलाओं में पीरियड्स में ज्यादा ब्लीडिंग होना।
ये होते हैं खतरे:
ब्लड क्लॉट या डीप वेन थ्रोम्बोसिस की समस्या
स्ट्रोक
हार्ट अटैक
हाइपरटेंशन
मुख्य अंगों तक खून का बहाव कम हो जाना
स्प्लीन का फैल जाना




