डेस्क। अमेरिका का M1A2 Abrams और जर्मनी का Leopard 2A8 दुनिया के सबसे ताकतवर युद्ध के tank में गिने जाते हैं। इनका एडवांस्ड आर्मर, ताकतवर बंदूक और बेहतरीन टारगेटिंग सिस्टम इन्हें युद्ध के मैदान में काफी खतरनाक बनाते हैं। हालांकि आधुनिक युद्ध का तरीका काफी बदल चुका है।
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आधुनिक टैंक के लिए सबसे बड़ा खतरा ड्रोन का तेजी से बढ़ावा है। छोटे ड्रोन की कीमत सिर्फ $500 से $1000 के आसपास हो सकती है। इसके बावजूद भी वे कई मिलियन डॉलर की कीमत वाले टैंक को नुकसान पहुंचा सकते हैं या फिर पूरी तरह से नष्ट भी कर सकते हैं।
Leopard 2A8 जर्मनी के मशहूर लेपर्ड टैंक परिवार के सबसे नए वर्जन में से एक है। इसमें 120 एमएम L55A1 स्मूथबोर गन और एडवांस्ड सुरक्षा और इलेक्ट्रानिक सिस्टम लगे हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा इसका ओवरऑल बैलेंस है। इसमें मजबूत फायर पावर और सुरक्षा के साथ-साथ बेहतर मोबिलिटी और लॉजिस्टिक्स का तालमेल है। नाटो देशों के साथ इसके जुड़ाव से ट्रेनिंग, स्पेयर पार्ट्स और गोला बारूद की सप्लाई के मामले में भी फायदा मिलता है।
M1A2 Abrams दुनिया के सबसे ज्यादा युद्ध में परखे गए टैंक में से एक है। इसकी ताकतवर 120 एमएम तोप, बेहतरीन फायर कंट्रोल सिस्टम और भारी आर्मर इसे युद्ध के मैदान में जबर्दस्त क्षमता देते हैं। यह 1500 हॉर्स पावर के गैस टरबाइन इंजन से चलता है। यह जबरदस्त परफॉर्मेंस तो देता है लेकिन काफी ज्यादा ईंधन की खपत भी करता है।

रूस के T-14 अरमाटा का डिजाइन काफी ज्यादा अनोखा है। इसका बुर्ज बिना चालक का है। चालक दल टैंक की मुख्य बॉडी के अंदर एक सुरक्षित बख्तरबंद कैप्सूल में बैठता है। इस बनावट का मकसद चालक दल के बचने की संभावना को बढ़ाना है।
दक्षिण कोरिया का यह टैंक एक और काफी एडवांस्ड आधुनिक टैंक है। इसमें 120 एमएम की गन, ऑटोमेटिक लैंडिंग सिस्टम और बेहतरीन फायर कंट्रोल तकनीक है। इसका सबसे बड़ा फायदा इसकी गतिशीलता है। यह टैंक मुश्किल और पहाड़ी इलाकों में काफी प्रभावी ढंग से कम कर सकता है। इससे यह उन जगहों के लिए खास तौर पर एकदम सही बैठता है जहां काफी भारी टैंकों को परेशानी हो सकती है।
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