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रविवार, जुलाई 26, 2026

जंतर-मंतर प्रोटेस्ट खत्म, मगर 8 साल पुराना ये गाना खूब हो रहा ट्रेंड

एंटरटेनमेंट डेस्क। 36 दिनों के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पर छात्र आंदोलन पूरी तरह से समाप्त हो गया है। नीट पेपर लीक मामले के खिलाफ हुए प्रोटेस्ट में बहुत ऐसा हुआ, जिसने हर किसी का ध्यान खींचा। लेकिन इस दौरान 8 साल पुराना गीत भी ऐसा रहा, जो सोशल मीडिया पर इस छात्र आंदोलन के वीडियो के लिए संजीवनी बना था।

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तमाम यूजर्स ने उस गाने की इस्तेमाल कर रील्स वीडियो बनाए। अब ये प्रोटेस्ट तो खत्म हो गया है, लेकिन जाते-जाते अपने पीछे ये उस गीत को अमर कर गया है, जब 2018 में इसको अधिक लोकप्रियता नहीं मिल सकी। यूं तो छात्र आंदोलन के दौरान सोशल मीडिया पर तमाम यूजर्स ने अलग-अलग गीतों पर रील्स वीडियो बनाए और मिलियन में व्यूज हासिल किए। लेकिन सबसे अधिक गहरी छाप अगर किसी गीत ने छोड़ी तो वह अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी की कल्ट फिल्म मंटो (Manto) से नाता रखता है।

निर्देशक नंदिता दास के डायरेक्शन में बनने वाली मंटो का एक गाना बोले के लब आजाद हैं… (Bol Ke Lab Azad Hain…) जंतर मंतर पर हुए छात्र आंदोलन की जान बना रहा था। अगर आप भी इंस्टाग्राम खोलकर देखेंगे तो आपको तमाम प्रोटेस्ट रील्स में ये मंटो फिल्म का ये गाना बैकग्राउंड स्कोर के तौर पर सुनने मिल जाएगा।

बोल के लब आजाद हैं… सॉन्ग को मुख्य रूप से अभिनेता नवाजु्द्दीन और अभिनेत्री रशिका दुगल पर फिल्माया गया है, जो मुख्यरूप से फिल्म की कहानी की संक्षेप में परिभाषा देता है। मंटो फिल्म के बोल के लब आजाद हैं… को मशहूर गायक राशिद खान और विद्या शाह ने गाया है, जबकि इसकी संगीतकार स्नेह खानवलकर हैं। बात की जाए गीत के लिरिक्स की तो वह दिग्गज शायर फैज अहमद फैज द्वारा लिखी गई इंकलाबी नज्म बोल के लब आजाद हैं तेरे… से लिए गए हैं।

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