नई दिल्ली। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा (Neha Bora) अपने ‘Gen-Z महाजुटान यात्रा’ अभियान के तहत गोरखपुर पहुंचीं। गोकुल अतिथि भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार की नीतियों पर जमकर निशाना साधा।
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कार्यक्रम में उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई और सरकार की पुरानी घटनाओं को लेकर कई सवाल खड़े किए।
सरकार की नीतियों और बुलडोजर कार्रवाई पर हमला:
आम जनता पर असर:
नेहा बोरा ने कहा कि प्रदेश में चलाई जा रही बुलडोजर कार्रवाई से गरीब और आम लोगों के घर तथा रोजगार सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं।
पुराने मुकदमों का जिक्र:
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए 1999 के महाराजगंज मामले की याद दिलाई।
उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय विवाद के दौरान काफिले से चली गोली में पुलिसकर्मी सत्य प्रकाश यादव की मौत हो गई थी।
2007 का घटनाक्रम:
नेहा बोरा ने वर्ष 2007 में गोरखपुर में हुए सांप्रदायिक तनाव और तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ की गिरफ्तारी का मामला भी उठाया।
सोनम वांगचुक के साथ भूख हड़ताल:
20 दिन की भूख हड़ताल:
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में नेहा बोरा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वह जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और अन्य साथियों के साथ लगभग 20 दिनों तक भूख हड़ताल पर बैठी थीं।
सोशल मीडिया पर वायरल भाषण:
पुलिस लाठीचार्ज के बाद दिए गए उनके बेबाक भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ, जिसके बाद वे देश भर में चर्चा में आईं।
जब फेंकी गई थी स्याही:
दरअसल दिल्ली में बड़े आंदोलन के बाद AISA ने रांची में चल रहे JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) विरोध प्रदर्शन को अपना समर्थन देने का फैसला किया था।
नेहा बोरा JPSC अभ्यर्थियों की मांगों और उनके आंदोलन में शामिल होने के लिए रांची पहुंची थीं।

स्याही फेंकने की घटना:
प्रदर्शन स्थल पर मौजूद कुछ असामाजिक तत्वों या नाराज लोगों ने नेहा बोरा पर अचानक स्याही फेंक दी थी।
कौन हैं AISA अध्यक्ष नेहा बोरा?
प्रारंभिक जीवन:
29 वर्षीय नेहा बोरा मूल रूप से उत्तराखंड के खटीमा की रहने वाली हैं।
उनके पिता भारतीय सेना में सेवा दे चुके हैं, जबकि उनका बचपन पश्चिम बंगाल में बीता।
शिक्षा:
उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के अरबिंदो कॉलेज से ग्रेजुएशन और बीआर अंबेडकर यूनिवर्सिटी से एमए किया।
वर्तमान में वे जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) से पीएचडी की पढ़ाई कर रही हैं।
छात्र राजनीति की शुरुआत:
कॉलेज के दिनों में ही वे वामपंथी छात्र संगठन AISA से जुड़ गई थीं। उनकी नेतृत्व क्षमता को देखते हुए उन्हें संगठन का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया।
नेहा बोरा लगातार छात्रों के अधिकारों, सामाजिक मुद्दों और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज मजबूती से उठा रही हैं।
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