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शुक्रवार, जुलाई 17, 2026

मानसून में बढ़ रहा इन दो खतरनाक बीमारियों का खतरा, मामूली सर्दी-जुकाम समझने की न करें गलती

लाइफस्टाइल डेस्क। मानसून (Monsoon) आते ही रेस्पिरेट्री इन्फेक्शन के मामलों में काफी उछाल आ जाता है, खासकर इन्फ्लुएंजा-ए, कोविड-19 और एच1एन1 के मामलों में। हवा में नमी बढ़ने की वजह से वायरस तेजी से बढ़ते हैं और यही वजह कि इस मौसम में ये इन्फेक्शन तेजी से फैलते हैं। अक्सर लोग इन्हें मामूली सर्दी-जुकाम समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो बाद में गंभीर रूप ले सकता है।

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सबसे पहले इन्फेक्शन का खतरा बढ़ने की वजह समझना जरूरी है। बारिश के मौसम में हवा में नमी ज्यादा होती है, जो वायरस के पनपने के लिए अनुकूल है। ऐसे में ऑफिस, स्कूल या पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसे बंद जगहों पर वेंटिलेशन की कमी के कारण खांसने, छींकने या बात करते समय, ये वायरस तेजी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकते हैं।

इन्फ्लुएंजा-ए, एच1एन और कोविड-19 के लक्षण काफी हद तक एक-दूसरे से मिलते-जुलते होते हैं, जैसे तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में दर्द, बदन दर्द, सिरदर्द, थकान, बंद नाक। कुछ मामलों में उल्टी या डायरिया और सांस लेने में तकलीफ या छाती में भारीपन महसूस होने जैसे लक्षण भी नजर आ सकते हैं। अगर ये लक्षण 48 घंटे में ठीक न हो, तो खुद से दवा लेने के बजाय, डॉक्टर को दिखाना ज्यादा बेहतर है। समय से टेस्ट करवाकर इलाज शुरू करना जरूरी है, वरना इन्फेक्शन गंभीर रूप भी ले सकता है।

इन्फ्लुएंजा-ए और कोविड-19 की वैक्सीन लगवाएं। इन इन्फेक्शन से बचाव में वैक्सीन काफी असरदार है। साथ ही, भीड़भाड़ वाली और बंद जगहों पर मास्क का इस्तेमाल करें। हाइजीन का भी खास ध्यान रखें और अपने हाथों को नियमित रूप से साबुन से धोएं या सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें। अगर कोई व्यक्ति बीमार है या खांस-छींक रहा है, तो उससे दूरी बनाएं और भरपूर मात्रा में फ्लूएड लें और इन्फेक्शन के किसी भी लक्षण को मामूली समझकर अनदेखा न करें।

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