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शुक्रवार, जुलाई 17, 2026

सिद्धार्थनगर में बदहाल सड़क पर ग्रामीणों ने कर दी धान की रोपाई, किया अनोखा विरोध

सिद्धार्थनगर। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में बदहाल सड़क के विरोध (Protest) का ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जिसने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। तेलियाडीह ग्राम पंचायत के चेतरा टोला में ग्रामीणों ने जर्जर सड़क पर धान की रोपाई की, एक युवक को चारपाई पर लिटाकर कीचड़ भरे रास्ते से निकाला और “रोड नहीं तो वोट नहीं” के नारों के साथ जोरदार प्रदर्शन किया।

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ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। उनका कहना है कि बरसात में सड़क दलदल बन जाती है, जिससे बच्चों की पढ़ाई, किसानों की खेती और मरीजों की जान तक खतरे में पड़ जाती है।डुमरियागंज तहसील के तेलियाडीह ग्राम पंचायत के चेतरा टोला का यह मुख्य संपर्क मार्ग लंबे समय से बदहाल पड़ा है। बरसात में सड़क पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाती है। हालात ऐसे हैं कि पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।

इसी समस्या से परेशान ग्रामीणों ने सड़क पर धान की रोपाई कर अपना विरोध दर्ज कराया और एक युवक को चारपाई पर लिटाकर रास्ते से निकालते हुए प्रशासन को गांव की बदहाली का आईना दिखाया। ग्रामीणों का कहना है कि इसी रास्ते से बच्चे स्कूल, किसान खेत, मरीज अस्पताल और लोग बाजार व तहसील मुख्यालय तक आते-जाते हैं। कई बार एंबुलेंस भी गांव तक नहीं पहुंच पाती। प्रदर्शन के दौरान “नेता जी मुर्दाबाद”, “रोड नहीं तो वोट नहीं” और “हमारी सड़क कब बनेगी” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विधायक सैय्यदा खातून, पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह, सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन से कई बार सड़क निर्माण की मांग की गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। उनका कहना है कि चुनाव के समय सड़क बनाने के वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही गांव की समस्या भुला दी जाती है।

ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ तो वे आगामी चुनाव का बहिष्कार करेंगे और “सड़क नहीं तो वोट नहीं” आंदोलन को और तेज करेंगे। अब देखना होगा कि ग्रामीणों का यह अनोखा विरोध प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की नींद खोल पाता है या नहीं?

(रिपोर्ट- दीप यादव, सिद्धार्थनगर)

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