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बुधवार, जुलाई 15, 2026

स्टेशन, जंक्शन, सेंट्रल और टर्मिनल के बीच क्या होता है अंतर? यहां जानें जवाब

डेस्क। ट्रेन से सफर करते समय हम कई स्टेशनों से होकर गुजरते हैं और वहां लगे बोर्ड पर कभी जंक्शन लिखा होता है तो कभी सेंट्रल, टर्मिनल या सिर्फ स्टेशन। ज्यादातर लोगों को लगता है कि ये सिर्फ नाम रखने का तरीका है लेकिन असल में इन नामों के पीछे रेलवे का अपना एक तय नियम होता है। आइए जानते है इसके बारे में पूरी जानकारी।

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सेंट्रल:

जहां से भी किसी रेलवे स्टेशन (Station) को सेंट्रल के नाम से पुकारा जाता है इसका मतलब वह शहर का सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन है और उस शहर में उसके अलावा और भी कई रेलवे स्टेशन मौजूद होते हैं। इनको सेन्ट्रल नाम इसलिए भी दिया जाता है क्योंकि यहां से आपको देश के सभी जोन को आपस में जोड़ने वाली ट्रेन मिल जाएंगी। यहां से बहुत से ट्रेन का आवागमन होता है।

जंक्शन:

जंक्शन का मतलब होता है किसी को जोड़ने वाला। इसिलए जिस भी स्टेशन पर एक साथ दो ट्रेन अलग-अलग ट्रैक पर एक साथ आ सकती हैं और जा सकती हैं उसे जंक्शन कहा जाता है। इसके अलावा रेलवे जंक्शन पर एक ट्रेन के लिए तीन रूट होते हैं। रेलवे जंक्शन स्टेशन के मुकाबले काफी बड़े होते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत में 300 से अधिक संख्या में जंक्शन मौजूद हैं।

टर्मिनल:

टर्मिनल को टर्मिनस के नाम से भी जाना जाता है। टर्मिनल या टर्मिनस उसे कहा जाता है जहां से ट्रेन आगे नहीं जा सकती है। मतलब वह रेलवे स्टेशन आखिरी होता है और उसके आगे रेलवे ट्रैक नहीं होता है। ट्रेन टर्मिनल पर आकर फिर से जहां से चली होती है दोबारा प्रस्थान करती है। हमारे देश में वर्तमान समय में 27 टर्मिनल मौजूद हैं।

स्टेशन:

रेलवे स्टेशन सेंट्रल, जंक्शन, टर्मिनल के मुकाबले छोटे होते हैं। यह रेलवे से छोटे शहरों को कनेक्टिविटी प्रदान करते हैं। इसके अलावा हम इसे ऐसे भी समझ सकते हैं कि जो रेलवे स्टेशन सेंट्रल, जंक्शन, टर्मिनल नहीं होते हैं उन्हें रेलवे स्टेशन बोला जाता है। स्टेशन छोटे होते हैं इसलिए यहां पर ट्रेन को रुकने के लिए ज्यादा समय प्रदान नहीं किया जाता है।

Tag: #nextindiatimes #station #GK

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