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शनिवार, जून 6, 2026

कैंसर मरीजों के लिए खुशखबरी! मिल गया बिना साइड इफेक्ट का इलाज

पुणे। कैंसर (cancer) के इलाज में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल करने का दावा किया गया है। पुणे के विज्ञानियों ने ऐसी लक्षित दवा वितरण प्रणाली विकसित की है, जो सीधे कैंसर कोशिकाओं और ट्यूमर पर हमला करती है। इससे शरीर की स्वस्थ कोशिकाओं पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। यह शोध प्रतिष्ठित जर्नल एडवांस्ड हेल्थकेयर मैटीरियल्स में प्रकाशित हुआ है।

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पुणे स्थित अगारकर रिसर्च इंस्टीट्यूट (एआरआई) के विज्ञानियों ने स्तन कैंसर के लिए एक बायोडिग्रेडेबल नैनोकैरियर प्लेटफार्म विकसित किया है, जिसे लक्षित जीन थेरेपी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शोधकर्ताओं के अनुसार, यह प्रणाली विशेष प्रकार के बायोडिग्रेडेबल मेसोपोरस सिलिका नैनोकणों पर आधारित है।

विज्ञानियों ने बताया कि एसआईआरएनए को दो ऐसे महत्वपूर्ण जीनों के विरुद्ध पहुंचाया गया, जो ट्यूमर को जीवित रखने और उपचार के प्रति उसकी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का काम करते हैं। नैनोकैरियर ट्यूमर के सूक्ष्म वातावरण में पहुंचकर नियंत्रित तरीके से चिकित्सीय पदार्थ छोड़ता है, जिससे दवा का प्रभाव अधिक सटीक और प्रभावी बनता है।

विज्ञानियों ने बताया कि एसआईआरएनए को दो ऐसे महत्वपूर्ण जीनों के विरुद्ध पहुंचाया गया, जो ट्यूमर को जीवित रखने और उपचार के प्रति उसकी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का काम करते हैं। नैनोकैरियर ट्यूमर के सूक्ष्म वातावरण में पहुंचकर नियंत्रित तरीके से चिकित्सीय पदार्थ छोड़ता है, जिससे दवा का प्रभाव अधिक सटीक और प्रभावी बनता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह अध्ययन उन बढ़ते प्रमाणों को और मजबूत करता है, जिनके अनुसार एप्टामर-निर्देशित नैनोकैरियर तकनीक ट्यूमर की सटीक पहचान और उपचार की प्रभावशीलता बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

Tag: #nextindiatimes #cancer #Health

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