नई दिल्ली। पद्म पुरस्कार भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान में से एक हैं और उन व्यक्तियों को दिए जाते हैं जिन्होंने कला, विज्ञान, साहित्य, समाज सेवा, खेल, चिकित्सा और सार्वजनिक मामलों में असाधारण योगदान दिया है। इस साल राष्ट्रपति ने कुल 131 पद्म पुरस्कारों को मंजूरी दी है, जिनमें से 66 जानी-मानी हस्तियों को आज सम्मानित किया जा रहा है। इसी बीच आइए जानते हैं कि ये पद्म पुरस्कार के मेडल कहां बनाए जाते हैं और भारत सरकार इन पर कितना खर्च करती है?
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भारत के प्रतिष्ठित पद्म पदक जिनमें पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री शामिल हैं, कोलकाता में स्थित अलीपुर टकसाल में बनाए जाते हैं। यह ऐतिहासिक टकसाल सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिटिंग कॉरपोरेशन आफ इंडिया लिमिटेड के तहत काम करती है। यह भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के अधीन संचालित होती है। यही संस्था भारतीय मुद्रा के सिक्के, पदक और दूसरे उच्च सुरक्षा वाले सरकारी सामान बनाने के लिए जिम्मेदार है।

हालांकि Padma Awards देश के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में से हैं लेकिन सरकार सार्वजनिक रूप से हर पदक की सटीक निर्माण लागत का खुलासा नहीं करती। इन पुरस्कारों के साथ कोई आधिकारिक तौर पर घोषित मौद्रिक मूल्य जुड़ा हुआ नहीं है। खर्चे में पुरस्कारों से जुड़े डिजाइन, ढलाई, नक्काशी, पैकेजिंग और समारोह की व्यवस्था शामिल होती हैं लेकिन विस्तृत आंकड़े आमतौर पर सार्वजनिक नहीं किए जाते।
कुछ अंतरराष्ट्रीय सम्मानों या फिर निजी पुरस्कार से उलट पद्म पुरस्कारों में कोई भी नकद इनाम शामिल नहीं होता। प्राप्तकर्ता को पूरी तरह से समाज में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया जाता है और उन्हें आर्थिक मुआवजे के बजाय राष्ट्र से पहचान मिलती है। सरकार उन्हें राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह के दौरान एक पदक और एक आधिकारिक प्रशस्ति पत्र प्रदान करती है।
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