सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थनगर में कथित जानलेवा हमले के मामले में विवाद बढ़ गया है। पीड़ित परिवार ने निष्पक्ष जांच पर सवाल उठाए हैं। सिद्धार्थनगर में हुए कथित जानलेवा हमले के मामले में अब पीड़ित परिवार ने police विवेचना पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। घटना को लगभग दो महीने बीत जाने के बावजूद कई आरोपियों की गिरफ्तारी न होने और जांच की धीमी रफ्तार को लेकर पीड़ित पक्ष में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
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पीड़िता ताहिरा खातून ने आईजी गोरखपुर के साथ-साथ पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर को भी प्रार्थना पत्र देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। पीड़िता के अनुसार 27 मार्च 2026 को गांव में हुए विवाद के दौरान उसके पति शमशाद और पुत्र तवरेज पर धारदार हथियार, लोहे की रॉड और लाठी-डंडों से हमला किया गया था। इस हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। आरोप है कि घटना के दौरान जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। पीड़ित परिवार का कहना है कि मामले में दर्ज मुकदमे के बावजूद अब तक जांच अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ सकी है।

आवेदन में आरोप लगाया गया है कि घायल पक्ष की मेडिकल रिपोर्ट और अस्पताल से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज समय पर केस डायरी में शामिल नहीं किए गए, जिससे आरोपियों को लाभ पहुंचाने की आशंका बनी रही। अदालत में सुनवाई के दौरान जब इस मुद्दे को उठाया गया, तब संबंधित रिपोर्ट तलब की गई। मामले को लेकर पीड़िता ने विवेचक की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि उनके द्वारा दिए गए शपथ पत्र और कई महत्वपूर्ण तथ्यों को विवेचना का हिस्सा नहीं बनाया गया, जबकि नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी भी अब तक अधूरी है।
पीड़ित परिवार का यह भी कहना है कि उन पर लगातार समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, पीड़िता द्वारा दिए गए आवेदन पर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर ने मामले में जांच कराकर न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है। इसके बाद पीड़ित परिवार को निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद जगी है। हालांकि, अब तक मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का माहौल गर्म है। स्थानीय लोग भी मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जांच आगे किस दिशा में बढ़ती है और पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है।
(रिपोर्ट- दीप यादव, सिद्धार्थनगर)
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