डेस्क। अप्रैल के महीने में ही तापमान जिस तेजी से बढ़ रहा है, वह आम लोगों के लिए चिंता का विषय है। ऐसे में मौसम विभाग के जारी किए जाने वाले अलर्ट को समझना बेहद जरूरी हो जाता है, जिससे समय रहते सावधानी बरती जा सके और खुद को सुरक्षित रखा जा सके। मौसम विभाग अलग-अलग रंगों के जरिए लोगों को पहले से चेतावनी देता है।
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खासकर हीटवेव के दौरान येलो, ऑरेंज और रेड अलर्ट बहुत जरूरी हो जाते हैं। जब तापमान थोड़ा ज्यादा बढ़ता है और हीटवेव की शुरुआत होती है, तब Yellow Alert जारी किया जाता है।आमतौर पर तापमान 40°C के आसपास या उससे थोड़ा ऊपर हो सकता है। इसका मतलब है कि अभी खतरा ज्यादा नहीं है लेकिन आपको सावधान रहना चाहिए। इस दौरान धूप में कम निकलना, पानी ज्यादा पीना और हल्के कपड़े पहनना जरूरी होता है।

जब गर्मी और ज्यादा बढ़ जाती है और लोगों के बीमार पड़ने का खतरा बढ़ने लगता है, तब ऑरेंज अलर्ट जारी होता है। इसमें तापमान आमतौर पर 42°C से 45°C के बीच पहुंच सकता है। यह संकेत देता है कि स्थिति गंभीर हो सकती है। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को खास ध्यान रखने की जरूरत होती है।
रेड अलर्ट सबसे गंभीर चेतावनी होती है। इसमें तापमान 45°C या उससे ज्यादा हो सकता है। इस स्थिति में हीटस्ट्रोक का खतरा बहुत ज्यादा होता है। लोगों को घर में रहने की सलाह दी जाती है और जरूरी न हो तो बाहर बिल्कुल न निकलें। सरकार और प्रशासन भी इस दौरान विशेष इंतजाम करते हैं। मौसम विभाग तापमान, हवा की गति, नमी और पिछले कई दिनों के मौसम के पैटर्न को देखकर तय करता है कि कौन-सा अलर्ट देना है।
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