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Monday, April 20, 2026

Z और Z+ सिक्योरिटी में क्या होता है अंतर? जानें कैसे मिलती है ये सुरक्षा

डेस्क। हाल ही में दो बड़े नेताओं नीतीश कुमार और राघव चड्ढा को अलग-अलग स्तर की वीआईपी सुरक्षा दी गई है। जहां नीतीश कुमार को अब Z+ श्रेणी की सुरक्षा दी गई है, वहीं राघव चड्ढा को Z श्रेणी की सुरक्षा मिली है। आइए जानते हैं कि यह दोनों सुरक्षा एक दूसरे से कैसे अलग है?

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Z+ सुरक्षा भारत में सुरक्षा के सबसे उच्चतम स्तरों में से एक है। इसमें लगभग 55 सुरक्षाकर्मी शामिल होते हैं। इनमें 10 से ज्यादा विशिष्ट कमांडो भी होते हैं। इसकी तुलना में Z category security में लगभग 22 सुरक्षाकर्मी होते हैं और कमांडो की संख्या कम होती है। इसके उलट Z श्रेणी की सुरक्षा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, CISF या ITBP जैसे अर्धसैनिक बलों पर निर्भर करती है।

Z+ सुरक्षा प्राप्त व्यक्तियों के लिए काफिला बड़ा और काफी ज्यादा एडवांस्ड होता है। इसमें आमतौर पर 5 से 6 वाहन शामिल होते हैं। इनमें बुलेट प्रूफ कार, पायलट वाहन और जैमर युक्त इकाई शामिल होती हैं। यह आमतौर पर एक एस्कॉर्ट वाहन और कुछ सहायक इकाइयों तक ही सीमित होता है। Z श्रेणी की सुरक्षा भी काफी मजबूत होती है लेकिन सुरक्षा की गंभीरता और तैयारी के मामले में यह Z+ से एक पायदान नीचे आती है।

इसी के साथ Z+ सुरक्षा में यात्रा से पहले विस्तृत जांच शामिल होती है। वीआईपी के पहुंचने से पहले सुरक्षा दल रास्तों, स्थलों और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण करते हैं। Z श्रेणी में ऐसी जांच सिर्फ उच्च जोखिम वाली या फिर संवेदनशील यात्रा के दौरान ही की जाती है। Z+ सुरक्षा सबसे खास एसपीजी सुरक्षा से ठीक नीचे आती है। इससे यह भारत की सबसे पूरी सुरक्षा व्यवस्थाओं में से एक बन जाती है।

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