लाइफस्टाइल डेस्क। कैंसर (Cancer) एक जानलेवा बीमारी है, लेकिन अगर समय पर इसकी पहचान हो जाए, तो इलाज सफल होने की संभावना बढ़ जाती है। हालांकि समस्या यह है कि कैंसर के शुरुआती संकेतों को अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन यही लापरवाही आगे चलकर जानलेवा साबित हो सकती है।
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अगर आपका वजन अचानक कम होने लगे, तो यह खुश होने की बात नहीं बल्कि चिंता का विषय है। दरअसल, कैंसर सेल्स शरीर की एनर्जी का इस्तेमाल खुद को बढ़ाने में करते हैं, जिससे मेटाबॉलिज्म बदल जाता है और वजन कम होने लगता है। यह संकेत लगभग हर किस्म के कैंसर में देखने को मिलता है। इसलिए अगर कुछ ही महीनों में 5 किलो से ज्यादा वजन घट जाए, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

बुखार शरीर का एक डिफेंस मकेनिज्म है, लेकिन बिना किसी इन्फेक्शन, जैसे जुकाम या फ्लू के, बार-बार बुखार आना खतरे की घंटी है। जब कैंसर फैलना शुरू होता है या इम्युनिटी पर हमला करता है, तो शरीर बुखार के रूप में रिएक्शन देता है। ब्लड कैंसर में यह एक शुरुआती लक्षण के रूप में देखा जाता है।
हम अक्सर पीठ दर्द या जोड़ों के दर्द को गलत पोजीशन में बैठने का नाम दे देते हैं, लेकिन अगर दर्द बना रहे और ठीक न हो, तो यह कैंसर का संकेत हो सकता है। हड्डियों का कैंसर या टेस्टिकुलर कैंसर अक्सर दर्द के साथ ही शुरू होते हैं। वहीं, लगातार सिरदर्द ब्रेन ट्यूमर का और पीठ दर्द कोलोरेक्टल या ओवेरियन कैंसर का लक्षण हो सकता है। बिना किसी चोट के शरीर पर नीले निशान पड़ना प्लेटलेट्स की कमी या ल्यूकेमिया का संकेत हो सकता है। खांसी में खून आना फेफड़ों के कैंसर का संकेत हो सकता है।
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