नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए ऑफिस कॉम्पलेक्स का नाम सेवा तीर्थ रखा गया है। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महीने इसमें शिफ्ट हो जाएंगे। इसी के पास में प्रधानमंत्री आवास (PM Residence) का भी निर्माण चल रहा है। इसी बीच आइए जानते हैं कि पुराना प्रधानमंत्री आवास खाली होने के बाद उसका क्या होगा और उसका इस्तेमाल कैसे किया जाएगा?
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ऐसा कहा जा रहा है कि 7 लोक कल्याण मार्ग को ना तो छोड़ा जाएगा और ना ही बेचा जाएगा। इसे सार्वजनिक और प्रशासनिक इस्तेमाल के लिए फिर से उपयोग में लाया जाएगा। यह कॉम्पलेक्स रणनीतिक, ऐतिहासिक और सुरक्षा के नजरिए से काफी जरूरी है। इस वजह से इसे बिना इस्तेमाल के छोड़ना काफी नुकसानदायक होगा।
विचार किया जा रहे मुख्य विकल्पों में से एक यह है कि पुराने पीएम आवास को सरकारी इस्तेमाल की सुविधा में बदल दिया जाए। इसमें हाई लेवल मीटिंग्स, आधिकारिक सम्मेलन या फिर बाकी प्रशासनिक कार्य के लिए जगह शामिल हो सकती है। ऐसा भी कहा जा रहा है कि इस कॉम्पलेक्स की कुछ हिस्सों को उच्च सुरक्षा वाले सरकारी गेस्ट हाउस के रूप में फिर से इस्तेमाल किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री के शिफ्ट होने के बाद भी कॉम्पलेक्स की कुछ हिस्सों का इस्तेमाल स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप या फिर बाकी सुरक्षा संबंधी जरूरत के लिए किया जा सकता है। इस जगह में पहले से ही एक मजबूत सुरक्षा इकोसिस्टम है जो बिना किसी बड़े बदलाव के सहायक सरकारी कार्यों का समर्थन कर सकता है। आपको बता दें कि नए पीएमओ को पहले एग्जीक्यूटिव एनक्लेव नाम दिया गया था लेकिन दिसंबर में इस नाम को बदलकर सेवा तीर्थ रख दिया गया।
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