नई दिल्ली। यमन (Yemen) के तट के पास लाल सागर में भारतीय ध्वज वाला एक मालवाहक जहाज अचानक हमले का शिकार हो गया। हमले के बाद जहाज को गंभीर नुकसान पहुंचा और कुछ ही समय में वह समुद्र में डूब गया। जहाज पर कुल 14 लोग सवार थे, जिनमें 13 भारतीय और एक यमनी नागरिक शामिल था।
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राहत की बात यह रही कि समय रहते बचाव अभियान शुरू कर दिया गया और सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। यह घटना ऐसे समय हुई है जब लाल सागर पहले से ही सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है। इस हमले ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और जहाजों की सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है।
हमले के बाद यमन की नौसेना और तटरक्षक बल ने तुरंत संयुक्त बचाव अभियान शुरू किया। समुद्र में डूब रहे जहाज से सभी चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाला गया और उन्हें यमन के मोखा बंदरगाह तक पहुंचाया गया। भारतीय दूतावास भी लगातार स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में रहा ताकि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। बचाव अभियान के सफल रहने से एक बड़ा हादसा टल गया। भारत सरकार ने इस सहायता के लिए यमन के अधिकारियों का धन्यवाद भी किया और कहा कि सभी भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं।

भारत सरकार ने इस घटना को गंभीर बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना बेहद चिंताजनक है। भारत ने साफ कहा कि लाल सागर और आसपास के अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर जहाजों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की जानी चाहिए। सरकार का मानना है कि वैश्विक व्यापार के लिए समुद्री मार्गों का सुरक्षित रहना बेहद जरूरी है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करते हुए ऐसे हमलों को रोकने के लिए सभी देशों को मिलकर प्रयास करना चाहिए।
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