डेस्क। विवादों में घिरी ट्रेनी IAS अधिकारी पूजा खेडकर की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। उन पर IAS बनने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करने का आरोप है। इसी के साथ ही अब उनकी नौकरी पर भी तलवार लटकती नजर आ रही है।
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इस मामले में संघ लोक सेवा आयोग ने UPSC ने उनके खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। यूपीएससी पूजा खेडकर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। साथ ही सिविल सेवा परीक्षा-2022 से उनकी उम्मीदवारी रद्द करने और भविष्य की परीक्षाओं से वंचित करने के लिए कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है।
पटियाला कोर्ट ने 1 अगस्त को पूजा खेडकर को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था। खेडकर पर सिविल सेवा परीक्षा आवेदन में गलत जानकारी देने और तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने का आरोप है। खेडकर पर फर्जी सर्टिफिकेट जमा करने का भी आरोप है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश देवेंद्र कुमार जंगला ने कहा था कि दिल्ली पुलिस को यह भी जांच करनी चाहिए कि क्या संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) में किसी ने खेडकर की मदद की थी।
दरअसल संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा-2022 की अनंतिम रूप से अनुशंसित उम्मीदवार पूजा मनोरमा दिलीप खेडकर के कदाचार की विस्तृत और गहन जांच की है। आयोग के मुताबिक, इस जांच में पता चला है कि उन्होंने अपना नाम, माता-पिता का नाम, फोटो/हस्ताक्षर, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर और पता बदलकर अपनी फर्जी पहचान बनाकर परीक्षा नियमों के तहत अनुमेय सीमा से अधिक प्रयास की सीमा का धोखाधड़ी से फायदा उठाया।
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