नई दिल्ली। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन (N. Chandrasekaran) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने ये फैसला ऐसे समय में लिया जब 18 अगस्त को वार्षिक एजीएम होने वाली थी। इस बैठक से पहले ही उन्होंने इस्तीफे का ऐलान किया। यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है जब टाटा संस के निदेशक पद पर उनकी री-ज्वाइनिंग को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी।
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चंद्रशेखरन ने भले ही अपने पद से इस्तीफा दिया है लेकिन उनका मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 तक जारी रहेगा। नटराजन चंद्रशेखरन का सफर बहुत शानदार रहा है। एक किसान परिवार में जन्म लेने से लेकर देश के सबसे पुराने और सबसे बड़े बिजनेस हाउस के चेयरमैन बनने तक का उनका सफर किसी कहानी जैसा लगता है। 1963 में तमिलनाडु के मोहनूर गांव में एक किसान परिवार में जन्मे एन. चंद्रशेखरन की बचपन से ही कंप्यूटर प्रोग्रामिंग में रुचि थी। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत TCS में एक इंटर्न के तौर पर की और बाद में टाटा संस के चेयरमैन बने।
एन. चंद्रशेखरन को 2019 में सालाना 65 करोड़ रुपये का सैलरी पैकेज मिला था। 2021-2022 में, टाटा ग्रुप के चेयरमैन को 109 करोड़ रुपये का पैकेज मिला। इसके साथ ही वे भारत में सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले बिजनेस एग्जीक्यूटिव बन गए थे। 2020 में चंद्रशेखरन ने मुंबई के पेडर रोड पर बने एक लग्जरी टावर में 98 करोड़ रुपये में एक डुप्लेक्स फ्लैट खरीदा।

टाटा संस की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, चंद्रशेखरन को वित्तीय वर्ष 2026 में कुल ₹158.66 करोड़ का पेमेंट मिला। ये फाइनेंशल ईयर 2025 के ₹155.81 करोड़ से ज्यादा है। FY26 में एन. चंद्रशेखरन की कुल कमाई में ₹17.97 करोड़ की सैलरी और दूसरे फायदे शामिल थे, जो FY25 के ₹15.12 करोड़ से 18 फीसदी ज्यादा रही। इसमें ₹140.69 करोड़ का मुनाफे से जुड़ा कमीशन भी शामिल था, जो पिछले साल के बराबर ही रहा।
उनकी कुल कमाई का ज्यादातर हिस्सा कमीशन से ही आया, जो कंपनी के मुनाफे को दिखाता है। सालाना रिपोर्ट से पता चलता है कि चंद्रशेखरन को पिछले पांच फाइनेंशियल ईयर में कुल ₹685 करोड़ की कमाई हुई। उनका मुनाफे से जुड़ा कमीशन पिछले 5 सालों में लगातार बढ़ा।
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