नई दिल्ली। आज देश भर में महाशिवरात्रि (Mahashivratri) का पर्व मनाया जा रहा है। महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ (Maha Kumbh) में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। शिवरात्रि के मौके पर सुबह से करीब 41 लाख लोग गंगा (Ganga) में डुबकी लगा चुके हैं।
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महाशिवरात्रि (Mahashivratri) के मौके पर देश भर के मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ देखी जा रही है। लोग शिव की अराधना में डूब चुके हैं। बता दें कि फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी की रात्रि को अनंत, अगम, अगोचर, अविनाशी आदिदेव भगवान शिव, करोड़ों सूर्यों के समान प्रभाव वाले ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए थे। यही वजह है कि हर वर्ष फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि तो महापर्व के रूप में मनाया जाता है।

फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी की रात्रि को अनंत, अगम, अगोचर, अविनाशी आदिदेव भगवान शिव, करोड़ों सूर्यों के समान प्रभाव वाले ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए थे। यही वजह है कि हर वर्ष फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि तो महापर्व के रूप में मनाया जाता है। महाशिवरात्रि (Mahashivratri) का व्रत परम मंगलमय और दिव्यतापूर्ण है। यह व्रत चारों पुरुषार्थों धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष को देने वाला माना गया है।

12 ज्योतिर्लिंग में से एक देवघर के बैद्यनाथ थाम में भी महाशिवरात्रि (Mahashivratri) पर देश के कोने-कोने से भक्त पूजा करने पहुंचे हैं। मंदिर सुबह तीन बजे ही खोल दिया गया था। सरदार पंडा द्वारा कांचा जल का अर्पण किया गया। फिर 4 बजे से आम श्रद्धालुओं के लिए कपाट खोल दिए गए थे। प्रयागराज महाकुंभ के अलावा काशी में भी महाशिवरात्रि के मौके पर कई तरह के आयोजन किए जा रहे हैं। इस वजह से काशी में भी लोगों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है।
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