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शनिवार, जून 6, 2026

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए कैसे मिलती है हरी झंडी? पढ़ें नियम

नई दिल्ली। आज कॉकरोच जनता पार्टी जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पर एक आंदोलन कर रही है। इस आंदोलन का नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके कर रहे हैं। इस आंदोलन में काफी लोग इकट्ठा हो रहे हैं और शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारे लगा रहे हैं। इसी बीच आइए जानते हैं कि क्या कोई भी जंतर-मंतर पर आंदोलन कर सकता है और इसके लिए इजाजत कैसे मिलती है?

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प्रस्तावित आंदोलन से कई दिन पहले आयोजकों को दिल्ली पुलिस को एक औपचारिक आवेदन जमा करना होता है। आवेदन आमतौर पर नई दिल्ली जिला पुलिस या फिर संबंधित पुलिस स्टेशन के जरिए से संसाधित किया जाता है। आवेदन के साथ आयोजकों को उस जगह या फिर जमीन के लिए जिम्मेदार प्राधिकारी से अनापत्ति प्रमाण पत्र भी लेना होता है जहां पर प्रदर्शन की योजना बनाई गई है।

अधिकारियों को एक नामित संपर्क अधिकारी की डिटेल्स की भी जरूरत होती है जो सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन स्थितियों के संबंध में पुलिस के साथ सीधे कोऑर्डिनेटर कर सके। इसके अलावा आयोजकों को भीड़ को कंट्रोल करने के लिए जिम्मेदार स्वयंसेवकों की एक सूची जमा करनी होगी। उनके नाम और संपर्क की जानकारी पहले से ही दी जाती है ताकि पुलिस घटना के दौरान प्रभावी ढंग से कोऑर्डिनेटर कर सके।

सख्त शर्तों के साथ प्रदर्शन की अनुमति दी जाती है। जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन की अनुमति आमतौर पर सुबह 10:00 बजे से शाम के 5:00 के बीच ही दी जाती है। प्रदर्शनकारियों से यह उम्मीद की जाती है कि वह इस समय के बाद कार्यक्रम स्थल को छोड़ दें। अधिकारी भीड़ के आकार को भी कंट्रोल करते हैं क्योंकि जंतर मंतर एक सार्वजनिक स्थान है। इस वजह से भीड़भाड़ और सुरक्षा जोखिमों को रोकने के लिए आंदोलन आमतौर पर लगभग 1000 प्रतिभागियों तक ही सीमित किया जाता है।

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