हेल्थ डेस्क। हर्बल सिगरेट को भारत और विदेश में प्राकृतिक, तंबाकू मुक्त और चिकित्सीय विकल्प के रूप में बेचा जाता है। लेकिन एक नए अध्ययन में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। इसके तहत नियमित तंबाकू सिगरेट की तुलना में हर्बल सिगरेट सुरक्षित नहीं हैं । यह ऐसा उत्सर्जन पैदा करती हैं जो तंबाकू के धुएं के समान या उससे भी अधिक हानिकारक हो सकता है।
यह भी पढ़ें-सिगरेट छोड़ने के लिए अपनाएं ये 4 आसान टिप्स, एक हफ्ते में ही दिखेगा कमाल
वैज्ञानिकों के मुताबिक, तुलसी, लौंग या पुदीने जैसी जड़ी-बूटियों को जलाने पर जो बारीक पार्टिकल्स (Fine Particles) और हैवी मेटल्स निकलते हैं, वो नॉर्मल सिगरेट से करीब 20% ज्यादा होते हैं, जो सीधे आपके दिल और फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं। यानी साफ है कि सिगरेट भले ही हर्बल हो, लेकिन उसका धुआं आपकी जान के लिए उतना ही बड़ा दुश्मन है।
यह चौंकाने वाला खुलासा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गांधीनगर (IITGN) और अमेरिका की इलिनोइस यूनिवर्सिटी अर्बाना-शैंपेन (UIUC) द्वारा किए गए एक संयुक्त अध्ययन में हुआ है। इस महत्वपूर्ण शोध को प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पत्रिका ‘जर्नल ऑफ हजारडस मैटेरियल्स’ (Journal of Hazardous Materials) में प्रकाशित किया गया है।

शोधकर्ताओं ने पाया कि दो हर्बल ब्रांड्स में भारत के सबसे ज्यादा पिए जाने वाले धूम्रपान उत्पाद ‘बीड़ी’ की तरह ही रैपर के रूप में तेंदू के पत्तों का इस्तेमाल किया गया था। अध्ययन में इन व्यावसायिक सिगरेटों से निकलने वाले मेनस्ट्रीम (फर्स्टहैंड) धुएं के भौतिक, रासायनिक और ऑक्सीडेटिव गुणों की बारीकी से जांच की गई। उत्सर्जन को सटीक रूप से मापने के लिए प्रत्येक सिगरेट को एक सीलबंद और स्वचालित टू-चैंबर रिग के अंदर जलाया गया, जिसे बिल्कुल इंसानी सांस लेने की दर की नकल करने के लिए डिजाइन किया गया था।
जांच के नतीजों में एक बेहद अहम बात सामने आई कि हर्बल सिगरेट (Herbal Cigarettes) के धुएं में 500-नैनोमीटर से छोटे कण तंबाकू के धुएं की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत अधिक मात्रा में उत्सर्जित होते हैं। ये महीन कण हृदय और सांस की गंभीर बीमारियों के बढ़ते खतरे से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। इसके अतिरिक्त, हर्बल सिगरेट से निकलने वाले पार्टिकुलेट मैटर में तंबाकू सिगरेट की तुलना में काफी अधिक ऑक्सीडेटिव पोटेंशियल (OP) दर्ज किया गया। यह ऐसा गुण है जो खतरनाक प्रतिक्रियाशील ऑक्सीजन प्रजातियों को जन्म देता है, जिससे फेफड़ों के ऊतकों को नुकसान पहुंचता है और हृदय रोग का कारण बनने वाली सूजन बढ़ती है।
Tag: #nextindiatimes #HerbalCigarettes #Health




