डेस्क। जब सरकारी अधिकारी, मंत्री और जज अलग-अलग जिलों की यात्रा करते हैं तो उन्हें अक्सर होटल के बजाय सर्किट हाउस में ठहराया जाता है। वहीं पर्यटक, शोधकर्ता, बिजनेस विजिटर और कर्मचारी आमतौर पर गेस्ट हाउस में रुकते हैं लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर सर्किट हाउस और गेस्ट हाउस में फर्क क्या होता है?
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सर्किट हाउस:
सर्किट हाउस (Circuit House) एक सरकारी स्वामित्व वाली आवास सुविधा है। इसे राज्य लोक निर्माण विभाग या फिर जिला प्रशासन मैनेज करता है। यह इमारत खास तौर से आधिकारिक यात्राओं के दौरान बड़े पद के सरकारी अधिकारी, मंत्री, जज और प्रशासनिक अधिकारियों के ठहरने के लिए डिजाइन की गई है। यहां जरूरी बैठकें, समीक्षाएं और सरकारी चर्चाएं आयोजित की जा सकती हैं।

सर्किट हाउस में आमतौर पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री, मंत्री और संसद सदस्य, आईएएस और आईपीएस अधिकारी, बड़े सरकारी अधिकारी, जज और संवैधानिक प्राधिकारी रहते हैं। वहां ठहरने वाले मेहमानों की प्रोफाइल की वजह से आवास देने से पहले आमतौर पर सख्त प्रोटोकॉल और आधिकारिक अनुमोदन की जरूरत होती है।
गेस्ट हाउस क्या है?
गेस्ट हाउस एक आवास सुविधा है जो जनरल विजिटर, बिजनेस ट्रैवलर, रिसर्चर, प्रोफेसर और पर्यटकों के साथ-साथ किसी खास संस्थान के कर्मचारियों के लिए डिजाइन की गई है। सर्किट हाउस के उलट गेस्ट हाउस मुख्य रूप से आरामदायक और किफायती आवास देता है। इन्हें निजी मालिक, कंपनी, यूनिवर्सिटी, सार्वजनिक क्षेत्र के संगठन या फिर सरकारी विभाग जैसे वन विभाग या पर्यटन प्राधिकरण द्वारा संचालित किया जा सकता है।
गेस्ट हाउस में पर्यटक और यात्री, विजिटिंग प्रोफेसर और शोधकर्ता, कॉर्पोरेट मेहमान और व्यावसायिक भागीदार, आधिकारिक कार्य पर कर्मचारी और वन अतिथि गृहों में ठहरते प्रकृति एवं वन्य जीव पर्यटक रुक सकते हैं। सर्किट हाउस में रहने के लिए आमतौर पर आधिकारिक अनुमति और सरकारी प्रोटोकॉल अनुमोदन की जरूरत होती है लेकिन गेस्ट हाउस अक्सर ऑनलाइन, फोन या फिर सीधे वॉक-इन व्यवस्था के जरिए से बुक किए जा सकते हैं।
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