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मंगलवार, जुलाई 21, 2026

दुनिया के सिर्फ 36 सिनेमाघरों में ही क्यों चल पाई ‘द ओडिसी’, ये खास टेक्नोलॉजी है वजह

एंटरटेनमेंट डेस्क। हॉलीवुड के दिग्गज निर्देशक क्रिस्टोफर नोलन की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘The Odyssey’ सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है और दर्शकों के बीच इसको लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। मैट डेमन, टॉम हॉलैंड, जेंडाया और ऐनी हैथवे जैसे बड़े सितारों से सजी यह फिल्म सिनेमाई इतिहास में एक नया इतिहास लिख रही है।

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इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसका वह अनोखा और एडवांस तकनीकी फॉर्मेट है, जिसे परदे पर उतारने में दशकों का वक्त लग गया। क्रिस्टोफर नोलन की ‘द ओडिसी’ को ‘IMAX 15-perf/70mm’ नामक बेहद जटिल और एडवांस एनालॉग फिल्म तकनीक पर तैयार किया गया है। पूरी दुनिया के सिनेमाई इतिहास में यह ऐसी पहली फीचर फिल्म बन गी है, जिसे शुरू से अंत तक केवल और केवल 70 मिमी IMAX फिल्म कैमरों की मदद से शूट किया गया है।

सामान्य सिनेमा हॉल की तुलना में IMAX तकनीक दर्शकों को एकदम वास्तविक और गहराई भरा अनुभव प्रदान करती है। इसमें काफी बड़े आकार की स्क्रीन, बेहद ताकतवर लेजर या फिल्म प्रोजेक्टर और उन्नत साउंड सिस्टम का इस्तेमाल होता है। यह तकनीक परदे पर बहुत ज्यादा चमक, बेजोड़ रिजॉल्यूशन और एक विस्तृत व्यूइंग एंगल देती है, जिससे दर्शकों को लगता है कि वे खुद फिल्म के सीन के बीच खड़े हैं। समय के साथ ज्यादातर थिएटर लेजर तकनीक पर शिफ्ट हो चुके हैं, ताकि दुनिया को फिल्में कम लागत में दिखाई जा सकें।

IMAX 15/70 को इस तकनीक का सबसे प्रीमियम, शुद्ध और ओरिजिनल रूप माना जाता है। इसमें 70 मिलीमीटर चौड़ी एनालॉग फिल्म रील का इस्तेमाल होता है, जो कि कैमरे और प्रोजेक्टर में हॉरिजॉन्टल रूप से चलती है। इसके हर सिंगल फ्रेम में 15 परफोरेशन यानी छेद होते हैं, जिससे कैमरे में सामान्य से की गुना अधिक विजुअल डाटा और बारीकियां रिकॉर्ड होती हैं। यही कारण है कि जब इसे विशालकाय परदे पर दिखाया जाता है तो 1.43:1 आस्पेक्ट रेशियो में तस्वीर बेहद स्पष्ट, नेचुरल और बिल्कुल सजीव दिखाई देती है।

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