नई दिल्ली। आयुष्मान कार्ड (Ayushman card) की बीमा लिमिट बढ़ाने पर सरकार विचार कर सकती है। संसद की स्वास्थ्य और परिवार कल्याण संबंधी स्थायी समिति ने अपनी 172वीं रिपोर्ट में केंद्र सरकार को यह सिफारिश दी है। समिति का सुझाव है कि लिमिट को मौजूदा 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया जाए। इसके पीछे कारण यह दिया गया है कि ईलाज में लगने वाला खर्च पहले से कहीं ज्यादा हो गया है।
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समिति का मानना है कि किसी भी बड़े प्रोसिजर में 5 लाख रुपये की लिमिट बहुत जल्द समाप्त हो जाती है। ऐसे में बीमा का कवर बढ़ाकर 10 लाख रुपये किया जाना समय की मांग है। हालांकि अभी तक यह सिर्फ एक सुझाव है और सरकार की ओर से इस पर कोई सहमति नहीं दी गई है। समिति का मानना है कि इलाज की बढ़ती लागत को देखते हुए बीमा कवर बढ़ाना समय की जरूरत बन गया है। अब अंतिम फैसला केंद्र सरकार को लेना है। जब तक सरकार इसकी मंजूरी नहीं देती, तब तक योजना के नियमों में कोई बदलाव नहीं माना जाएगा।

संसद की स्वास्थ्य और परिवार कल्याण संबंधी स्थायी समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत मिलने वाला 5 लाख रुपये का कवर अब कई मामलों में पर्याप्त नहीं रह गया है। समिति के मुताबिक, मेडिकल महंगाई लगातार बढ़ रही है। ऐसे में मरीजों और उनके परिवारों को बेहतर सुरक्षा देने के लिए बीमा कवर 10 लाख रुपये तक किया जाना चाहिए।
कुछ साल पहले 5 लाख रुपये का हेल्थ कवर काफी माना जाता था लेकिन अब कई बड़े ऑपरेशन और लंबा इलाज इससे कहीं ज्यादा महंगा हो गया है। कैंसर का इलाज, हार्ट बायपास सर्जरी, लीवर या किडनी ट्रांसप्लांट और आईसीयू में लंबे समय तक भर्ती रहने जैसे मामलों में लाखों रुपये खर्च हो जाते हैं। ऐसे में कई परिवारों को बाकी पैसा अपनी जेब से देना पड़ता है।
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