डेस्क। देश के सबसे बड़े व्यावसायिक और तकनीकी घटनाक्रम में, रिलायंस इंडस्ट्रीज के डिजिटल और टेलीकॉम विंग जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) का आईपीओ (IPO) शेयर बाजार में आते ही एक नया इतिहास रच रहा है।
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निवेशकों के बीच इस आईपीओ को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है, जिसके चलते यह खुलते ही पहले दिन रिकॉर्ड तोड़ सब्सक्रिप्शन हासिल करने में सफल रहा है।
पहले ही दिन मिला बंपर रिस्पॉन्स और रिकॉर्ड सब्सक्रिप्शन:
जियो प्लेटफॉर्म्स का यह मेगा आईपीओ अपने खुलने के साथ ही निवेशकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बन गया है।
- 3 गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन: आईपीओ खुलने के पहले दिन यानी 21 अक्टूबर को ही कुल ऑफर का यह हिस्सा 3 गुना से ज्यादा भर चुका है।
- बड़ी बोलियां: एंकर पोर्शन को हटाने के बाद बचे लगभग 22,000 करोड़ रुपये के इश्यू के लिए निवेशकों की तरफ से 66,000 करोड़ रुपये से अधिक की भारी-भरकम बोलियां लगाई जा चुकी हैं।
- फंड जुटाने का लक्ष्य: कंपनी ने कुल 30,188 करोड़ रुपये जुटाने के लिए अपने शेयर जारी किए हैं। इसमें से एंकर निवेशकों को शेयर बेचकर 8,110 करोड़ रुपये पहले ही जुटाए जा चुके हैं, जबकि शेष बचे शेयरों के लिए आम और संस्थागत निवेशकों का तांता लगा हुआ है। जानकारी के लिए बता दें कि यह आईपीओ 23 अक्टूबर तक निवेशकों के लिए खुला रहेगा।
विभिन्न श्रेणियों में पहले दिन की सब्सक्रिप्शन स्थिति:
विभिन्न निवेशक श्रेणियों से इस आईपीओ को लेकर जो आंकड़े सामने आए हैं, वे बेहद शानदार हैं:
- संस्थागत निवेशक (QIBs): बड़े और संस्थागत निवेशकों ने अपनी जबरदस्त दिलचस्पी दिखाते हुए तय कोटे से 9 गुना ज्यादा बोलियां लगाई हैं।
- कर्मचारी वर्ग (Employees): कंपनी के कर्मचारियों के लिए आरक्षित हिस्से का 133% हिस्सा पहले दिन ही सब्सक्राइब हो चुका है।
- रिलायंस शेयरहोल्डर्स: रिलायंस इंडस्ट्रीज के मौजूदा शेयरधारकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है और उनके कोटे का 141% हिस्सा सब्सक्राइब हो चुका है।
- आम निवेशक (Retail Investors): रिटेल निवेशकों की कैटेगरी में भी मजबूत रुझान देखा जा रहा है और अब तक यह हिस्सा 73% तक भर चुका है।

निवेश का पैमाना: प्राइस बैंड और न्यूनतम राशि:
यदि आप भी इस आईपीओ में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो इसके वित्तीय पैमाने इस प्रकार हैं:
- प्राइस बैंड:
- कंपनी ने इस आईपीओ के लिए 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है।
- न्यूनतम निवेश:
- एक आम रिटेल निवेशक को इसमें आवेदन करने के लिए कम से कम 13,428 रुपये लगाने होंगे।
- अधिकतम सीमा:
- निवेशक अधिकतम 14 लॉट यानी 168 शेयरों के लिए अप्लाई कर सकते हैं, जिसके लिए कुल 1.87 लाख रुपये की आवश्यकता होगी।
ग्रे मार्केट और संभावित लिस्टिंग गेन (GMP):
ग्रे मार्केट के रुझानों को देखें तो निवेशकों को बंपर मुनाफे की उम्मीद नजर आ रही है:
- 23% तक प्रीमियम:
- ग्रे मार्केट में जियो का शेयर फिलहाल 23% यानी 258 रुपये प्रति शेयर के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है।
- संभावित लिस्टिंग प्राइस:
- अपर प्राइस बैंड (1,119 रुपये) और जीएमपी (258 रुपये) को जोड़कर देखें, तो शेयरों की संभावित लिस्टिंग 1,377 रुपये के आसपास हो सकती है,
- जिससे निवेशकों को लिस्टिंग पर ही शानदार फायदा मिलने की उम्मीद है।
शेयरहोल्डर रिजर्वेशन का लाभ किसे मिलेगा?
वे सभी योग्य रिलायंस शेयरहोल्डर (व्यक्तिगत और एचयूएफ यानी हिंदू अविभाजित परिवार), जिनके पास कंपनी द्वारा रेड हियरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल करने की तारीख यानी 14 अक्टूबर तक रिलायंस इंडस्ट्रीज के पब्लिक इक्विटी शेयर थे, वे इस शेयरहोल्डर रिजर्वेशन का लाभ उठाने के पात्र हैं।
यह छूट निर्धारित पात्रता मानदंडों और विनियामक (Regulatory) नियमों के अधीन है।
जियो प्लेटफॉर्म्स: बाजार की सबसे बड़ी ताकत:
मुम्बई स्थित हेडक्वार्टर वाली जियो प्लेटफॉर्म्स आज देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम ऑपरेटर बन चुकी है।
- विशाल यूजर बेस:
- 30 जून 2026 तक कंपनी का कुल सब्सक्राइबर बेस 53.3 करोड़ तक पहुंच चुका है।
- 5G नेटवर्क:
- इसमें से 28.49 करोड़ अकेले 5G यूजर हैं,
- जो पूरी दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा 5G कस्टमर बेस है।
बाजार नियामक सेबी (SEBI) से अगस्त महीने में मंजूरी मिलने के बाद,
जियो का यह ऐतिहासिक आईपीओ (Jio IPO) भारतीय शेयर बाजार में अपनी मजबूत धाक जमाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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