नवरात्र में सेहत न बिगाड़ दे कुट्टू का आटा, घर पर ऐसे करें शुद्धता की पहचान

डेस्क। नवरात्र के पावन दिन शुरू हो चुके हैं। इस दौरान व्रत रखने वाले ज्यादातर लोग फलाहार में कुट्टू के आटे (buckwheat flour) का इस्तेमाल करते हैं। लोग कुट्टू के आटे से बनी पूड़ी, पकौड़ी और चीला बड़े चाव से खाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बाजार में मिलने वाला कुट्टू का आटा आपकी सेहत बिगाड़ सकता है?

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त्योहारों के सीजन में ज्यादा मुनाफे के चक्कर में कुट्टू के आटे में मिलावट बढ़ जाती है। हर साल नवरात्र में मिलावटी या पुराना कुट्टू का आटा खाने से कई लोग बीमार पड़ जाते हैं। इससे फूड पॉइजनिंग का खतरा बहुत बढ़ जाता है।

मिलावटी कुट्टू का आटा खाने के नुकसान:

अगर कुट्टू का आटा बहुत पुराना हो, तो उसमें फंगस लग जाती है। इसके अलावा कई बार इसमें चॉक पाउडर या मिलावटी चीजें मिला दी जाती हैं। ऐसा आटा खाने से सेहत को गंभीर नुकसान पहुँच सकता है। इससे आपको नीचे बताई गई समस्याएँ हो सकती हैं:

  • पेट में तेज दर्द होना
  • उल्टी और जी मिचलाना
  • चक्कर आना और कमजोरी लगना
  • डायरिया की शिकायत होना

इसलिए व्रत के दौरान सही और शुद्ध आटे का चुनाव करना बहुत जरूरी है। आइए जानते हैं कुछ बेहद आसान घरेलू तरीके, जिनसे आप मिनटों में असली और नकली कुट्टू के आटे की पहचान कर सकते हैं।

1. पानी से करें आसान टेस्ट:

एक कांच के पारदर्शी गिलास में साफ पानी लें। अब इसमें एक चम्मच कुट्टू का आटा डालें। अगर आटा धीरे-धीरे गिलास के तल में नीचे बैठ जाता है और पानी का रंग साफ रहता है, तो आटा बिल्कुल शुद्ध है। लेकिन अगर पानी का रंग बदल जाए या पानी के ऊपर कचरा तैरने लगे, तो समझ जाएं कि आटे में मिलावट की गई है।

2. नींबू के रस से पहचानें

एक कटोरी में थोड़ा सा कुट्टू का आटा निकाल लें। अब इसके ऊपर नींबू के रस की कुछ बूंदें डालें। अगर रस डालते ही आटे में से बुलबुले उठने लगें, तो इसका मतलब है कि इसमें चॉक पाउडर या बेकिंग सोडा मिलाया गया है। ऐसा आटा भूलकर भी न खाएं।

3. छूकर और सूंघकर जांचें

  • छूकर देखें:
  • असली कुट्टू का आटा छूने में थोड़ा सा दरदरा होता है।
  • अगर यह टेलकम पाउडर की तरह बहुत ज्यादा चिकना लगे, तो इसमें किसी सस्ते आटे की मिलावट हो सकती है।
  • सूंघकर देखें:
  • आटे को नाक के पास लाकर सूंघें।
  • अगर इसमें से सीलन, जाले या कड़वी गंध आ रही हो, तो यह आटा पुराना और खराब हो चुका है।

4. आटा गूंथते समय रखें ध्यान

कुट्टू के आटे में ग्लूटेन नहीं होता है। इस वजह से यह आसानी से चिपकता नहीं है और न ही आसानी से बंधता है। अगर आटा गूंथते समय वह गेहूं के आटे की तरह खिंचने लगे या तुरंत लोई बनने लगे, तो उसमें मिलावट हो सकती है।

कुट्टू का आटा खरीदते समय बरतें ये सावधानियां

  1. खुला आटा न खरीदें: हमेशा किसी अच्छी और भरोसेमंद दुकान से पैकेट वाला आटा ही खरीदें।
  2. तारीख जरूर जांचें: पैकेट पर लिखी मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट को ध्यान से पढ़ें।
  3. घर पर पीसना सबसे सुरक्षित: सबसे बेहतर तरीका यह है कि आप बाजार से कुट्टू की साबुत गिरी खरीदें। इसे घर पर अच्छे से साफ करें और मिक्सी में पीस लें। यह व्रत में आपकी सेहत और शुद्धता दोनों के लिए सबसे safe तरीका है।

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