सिद्धार्थनगर। जिले में बीते तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश (rain) ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रही इस बारिश के साथ-साथ पड़ोसी देश नेपाल और आसपास के पहाड़ी इलाकों में भी मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है। इसके चलते जिले से होकर गुजरने वाली नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
यह भी पढ़ें-सिद्धार्थनगर में चोर बेखौफ, पुलिस चौकी से मात्र 50 मीटर की दूरी पर हुई ये वारदात
विशेष रूप से डुमरियागंज तहसील क्षेत्र से होकर बहने वाली राप्ती नदी का जलस्तर लगातार ऊपर उठ रहा है, जिससे तटीय इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
जलस्तर में 3 से 4 फीट की बढ़ोतरी:
स्थानीय निवासियों का कहना है कि बारिश और पहाड़ी इलाकों से पानी आने के कारण राप्ती नदी के जलस्तर में अचानक 3 से 4 फीट तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नदी का बहाव तेज होने के कारण आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
जर्जर तटबंधों ने बढ़ाई ग्रामीणों की चिंता:
डुमरियागंज क्षेत्र में राप्ती नदी के किनारे बने सुरक्षा तटबंधों (बौंधों) की स्थिति बेहद जर्जर हो चुकी है।
ग्रामीणों का कहना है कि:
- प्रशासनिक उपेक्षा:
- तटबंध कई स्थानों पर कमजोर हो चुके हैं, जिनकी मरम्मत के लिए कई बार शिकायतें की गईं।
- बजट का अभाव:
- स्थानीय लोगों के अनुसार, जब भी वे प्रशासन से शिकायत करते हैं, तो बजट न होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया जाता है।
- बाढ़ का खतरा:
- यदि समय रहते इन जर्जर तटबंधों को ठीक नहीं किया गया, तो जलस्तर और बढ़ने पर कटान हो सकता है, जिससे कई गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं।

प्रशासन का रुख: स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में
इस पूरे मामले पर उप जिलाधिकारी (SDM) डुमरियागंज, विवेकानंद मिश्रा ने बताया कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह से सामान्य है।
- खतरे के निशान से नीचे:
- राप्ती नदी का जलस्तर अभी खतरे के निशान से काफी नीचे बना हुआ है।
- सतत निगरानी:
- प्रशासनिक स्तर पर तहसील टीम को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
- अधिकारियों की तैनाती:
- तहसीलदार, नायब तहसीलदार और सिंचाई विभाग की टीम लगातार तटबंधों और नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं।
प्रशासन का दावा है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां पूरी हैं, जबकि ग्रामीण अभी भी तटबंधों की स्थिति को लेकर आशंकित हैं।




