डेस्क। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसे ‘बाहुबली ट्रक’ (truck) की तस्वीरें और वीडियो छाए हुए हैं, जिसने आम लोगों से लेकर सरकारी प्रशासन तक को हैरान कर रखा है। बेल्जियम से लाया गया करीब 200 टन वजनी बेहद विशालकाय मशीन लेकर यह महा-ट्रक अब उत्तर प्रदेश की सीमाओं में दाखिल हो चुका है। इसकी विशालता का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि इसके रास्ते को साफ करने के लिए वाराणसी में तीन फुटओवर ब्रिज के हिस्सों को अस्थायी रूप से हटाना पड़ रहा है।
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आखिर बेल्जियम से क्यों आई यह विशाल मशीन?
यह पूरा मामला बलरामपुर चीनी मिल और एथेनॉल प्लांट के विस्तार से जुड़ा हुआ है। इस प्लांट के लिए बेल्जियम से एक विशालकाय ‘वेसल’ (औद्योगिक मशीन) मंगवाया गया है।
- समुद्री सफर: यह भारी-भरकम मशीन सबसे पहले समुद्र के रास्ते बेल्जियम से ओडिशा के पारादीप पोर्ट पहुंची।
- सड़क मार्ग का चयन: पोर्ट पर उतरने के बाद इसे सड़क के रास्ते उत्तर प्रदेश के बलरामपुर तक पहुंचाने का काम शुरू हुआ।
- विशेष वाहन की जरूरत: सामान्य ट्रकों से इस आकार और वजन को ले जाना नामुमकिन था,
- इसलिए एक विशेष ‘मल्टी-एक्सल टायर्ड’ ट्रेलर का उपयोग किया गया।

क्यों पड़ा इसका नाम ‘बाहुबली ट्रक’?
इस महा-वाहन की बनावट और क्षमता को देखकर इसे ‘बाहुबली’ का नाम दिया गया है:
- 308 पहिए:
- लगभग 100 फीट लंबे इस ट्रक में कुल 308 टायर लगाए गए हैं,
- ताकि 200 टन से ज्यादा का वजन सड़क पर बराबर बंट सके।
- बेहद धीमी रफ्तार:
- जेएम बक्सी हैवी लॉजिस्टिक्स की देखरेख में चल रहा यह ट्रक सुरक्षा कारणों से 24 घंटे में सिर्फ 8 से 10 किलोमीटर की दूरी ही तय कर पा रहा है।
ओडिशा से यूपी तक का चुनौतीपूर्ण सफर:
ओडिशा से शुरू हुआ यह सफर झारखंड और बिहार के रोहतास, गया, औरंगाबाद और कैमूर जिलों से होते हुए अब यूपी के चंदौली तक पहुंचा है। रास्ते में कई बड़ी चुनौतियां आईं:
- हाईटेंशन लाइन की बिजली बंद:
- बिहार के औरंगाबाद में रेलवे ओवरब्रिज के नीचे से इसे सुरक्षित निकालने के लिए हाईटेंशन तारों की बिजली काटनी पड़ी।
- ट्रेनों की आवाजाही रोकी गई:
- सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए ट्रेनों को भी रोकना पड़ा ताकि ट्रक बिना किसी खतरे के ट्रैक के नीचे से गुजर सके।
वाराणसी में राह आसान नहीं: हटने पड़े फुटओवर ब्रिज:
उत्तर प्रदेश में प्रवेश करते ही वाराणसी का रास्ता इस काफिले के लिए सबसे बड़ी परीक्षा बन गया है। प्रशासन और NHAI (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) की जांच में सामने आया कि रास्ते में पड़ने वाले 3 फुटओवर ब्रिज इस विशालकाय ट्रक की ऊंचाई में बाधा बन रहे हैं।
सुरक्षा नियमों के तहत इन फुटओवर ब्रिज के ऊपरी हिस्सों को अस्थायी रूप से काटा और हटाया जा रहा है।
ट्रक के गुजर जाने के बाद इन्हें वापस जोड़ दिया जाएगा।
इस दौरान ट्रैफिक पुलिस और हाईवे पेट्रोलिंग की टीम चौबीसों घंटे सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही है।
सड़क किनारे खड़े होकर इस अनोखे अजूबे को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
अब देखना यह होगा कि तमाम प्रशासनिक और तकनीकी चुनौतियों को पार करते हुए यह ‘बाहुबली ट्रक’ बलरामपुर में अपनी मंजिल तक कब पहुंच पाता है।
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