डेस्क। गुरुग्राम में महिला बाइकर के साथ हुई दुर्घटना ने हिट एंड रन (hit-and-run) से जुड़े कड़े कानूनों और सजा के प्रावधानों को फिर चर्चा में ला दिया है। देश में सड़क हादसों और घटनास्थल से चालकों के भागने की बढ़ती घटनाओं पर रोक लगाने के लिए भारतीय न्याय संहिता (BNS) में सख्त नियम बनाए गए हैं।
यह भी पढ़ें-जेंडर टेस्ट करने वालों को कितनी मिलती है सजा, देखें क्या कहता है कानून
आइए समझते हैं कि नए कानून के तहत हिट एंड रन मामलों में क्या प्रावधान हैं और उनमें क्या बदलाव किए गए हैं:
भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 और सजा:
भारतीय दंड संहिता (IPC) की पुरानी धारा 304A की जगह अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106 लागू होती है। इसमें दो मुख्य हिस्से शामिल हैं:
- धारा 106 (1):
- यदि कोई व्यक्ति तेज या लापरवाही से वाहन चलाकर किसी दुर्घटना में किसी की जान ले लेता है, तो उसे गैर-इरादतन हत्या की श्रेणी में नहीं रखा जाता। इस धारा के तहत दोषी को 5 साल तक की जेल और जुर्माने की सजा का प्रावधान है।
- धारा 106 (2):
- यह हिट एंड रन का सबसे सख्त प्रावधान है। इसके अनुसार, अगर चालक अपनी लापरवाही से जानलेवा हादसा करता है और बिना पुलिस या मजिस्ट्रेट को सूचना दिए मौके से भाग जाता है, तो उसे 10 साल तक की जेल और भारी जुर्माना हो सकता है।

पुराने और नए कानून में मुख्य अंतर:
- व्यवहार के आधार पर सजा:
- IPC की धारा 304A में सभी हादसों के लिए समान सजा थी। BNS में उस ड्राइवर और भाग जाने वाले ड्राइवर के बीच अंतर किया गया है, जो मौके पर रुककर घायल की मदद करता है या पुलिस को सूचित करता है।
- जवाबदेही:
- नए कानून का मुख्य मकसद ड्राइवरों को भागने से रोकना और घायलों को समय पर अस्पताल पहुँचाना है।
धारा 106 (2) पर रोक क्यों लगी?
धारा 106 (2) के लागू होते ही देश भर के ट्रक, बस और कमर्शियल चालकों ने इसका कड़ा विरोध किया।
उनका तर्क था कि दुर्घटना के समय भीड़ के गुस्से से बचने के लिए उन्हें मौके से हटना पड़ता है।
चालकों के विरोध को देखते हुए केंद्र सरकार ने इस प्रावधान के क्रियान्वयन को फिलहाल रोक दिया है।
सरकार का कहना है कि ट्रांसपोर्ट संगठनों से बातचीत के बाद ही इसे आगे लागू किया जाएगा।
दुर्घटना होने पर चालक को क्या करना चाहिए?
सड़क हादसा होने पर कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए चालक को सुरक्षित स्थान पर गाड़ी रोकनी चाहिए।
पीड़ित को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाने में मदद करनी चाहिए।
तुरंत पुलिस को घटना की जानकारी देनी चाहिए।
Tag: #nextindiatimes #hitandrun #law #gurugram




