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रविवार, जुलाई 26, 2026

मंहगे सप्लीमेंट्स को कहें बाय-बाय! किचन के ये ‘सुपरफूड्स’ बनाएंगे अंदर से फौलादी

लाइफस्टाइल डेस्क। पहले के समय में भारतीय रसोई (kitchen) केवल खाना पकाने की जगह नहीं थी, यह एक दवा खाना भी हुआ करती थी। घर में ही इतने देसी नुस्खे होते थे जो छोटी-मोटी दिक्कतों को दूर कर देते थे। हम उन्हीं नुस्खों की बात कर रहे हैं जिन्हें दादी-नानी के नुस्खे कहा जाता है। आज हम अपनी इम्युनिटी मजबूत करने के लिए विदेशी सप्लीमेंट्स और दवाओं पर निर्भर है, जबकि इलाज रसोई में रखी चीजों में ही छिपा है।

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तुलसी, अदरक, अजवाइन, काली मिर्च जैसी चीजों से बना काढ़ा मामूली खांसी-जुकाम, गले में खराश को दूर करने के साथ ही पाचन ठीक रखने का काम करता है। वहीं, रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी अच्छी रखने के लिए भी आयुर्वेद में काढ़े के सेवन की सलाह दी जाती है। मॉनसून और सर्दियों के मौसम में इसे पीना फायदेमंद माना जाता है।

आटे और मेवे से बनने वाली पंजीरी शरीर को तुरंत एनर्जी देने में मदद करती है। कई मामलों में इसे वजन कम करने के लिए भी बहतरीन विकल्प बताया जाता है। पंजीरी क्योंकि घी से बनती है तो यह पाचन से जुड़ी दिक्कतों खासकर कब्ज को भी दूर कर सकती है।

आयुर्वेद में च्यवनप्राश के सेवन की सलाह दी गई है। यह औषधि बच्चों से बुजुर्गों तक, सभी की बीमारियों से रक्षा करती है। कहा जाता है कि च्यवनप्राश की खोज च्यवन नामक एक ऋषि ने कारवाई थी। यह उम्र कम करने की भी एक खास औषधि मानी जाती है। इसमें कई तरह के एंटीऑक्सिडेंट होते हैं जिनजी मदद से त्वचा फ्री रैडिकल्स के नुकसान से रक्षा कर पाती है।

गहरी और सुकून वाली नींद चाहिए हो, शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ानी हो, जोड़ों के दर्द से छुटकारा पाना हो, सर्दी-जुकाम से राहत पानी हो या अंदरूनी घाव को भरना हो, ये सभी काम हल्दी दूध कर सकता है। केवल जरूरत है अपनी डाइट में इसे शामिल किये जाने की।

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