लाइफस्टाइल डेस्क। दिल का रास्ता पेट से होकर जाता है यह कहावत तो आपने सुनी ही होगी, यानी अच्छा खाना खिलाकर किसी को भी दीवाना बना सकता है। पर इसका दूसरा पहलू भी है, वो यह कि पेट खुश नहीं तो मन भी खुश नहीं रह सकता। हम पेट की बात इसलिए कर रहे हैं क्योंकि हाल ही में साइक्लोस्पोरा नामक पेट से जुड़ी बीमारी लगातार खबरों में बनी हुई है। हो सकता है यह नाम आपने पहली बार सुना हो लेकिन यह फूड प्वाइजनिंग से थोड़ी मिलती-जुलती है।
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Cyclospora पैरासाइट इन्फेक्शन है जिसका पूरा नाम साइक्लोस्पोरियासिस है। इसमें छोटी आंत सबसे ज्यादा प्रभावित होती है। फूड प्वाइजनिंग और साइक्लोस्पोरा दोनों ही दूषित खाने और पानी से फैलने वाली बीमारी हैं, पर दोनों के बीच फर्क बस इतना है कि फूड प्वाइजनिंग का कारण बैक्टीरिया और वायरस होता है, जबकि साइक्लोस्पोरा के फैलने का कारण फूड या पानी पर मौजूद पैरासाइट हैं।
साइक्लोस्पोरा के लक्षण:
थकान
ब्लोटिंग
बिगड़ा हुआ पाचन
वजन कम होना
दस्त
अभी तक पेट से जुड़ी इस बीमारी के फैलने की वजह के बारे में पता नहीं चल पाया है पर अनुमान है कि इसका कारण हरी पत्तेदार सब्जियां हैं। वहीं, लक्षणों की बात करें तो पैरासाइट के संपर्क में आने के बाद इसके लक्षण एक हफ्ते बाद दिखने लगते हैं।
साइक्लोस्पोरा का सबसे बड़ा संकेत दस्त हैं, अगर लंबे समय तक यह परेशानी बनी हुई है तो साइक्लोस्पोरा PCR नामक टेस्ट से इसका पता लगाया जाता है। बीमारी की पहचान के बाद इसका इलाज आसानी से किया जा सकता है। इसका स्टैंडर्ड ट्रीटमेंत बैक्टरिम है जिसे 7-10 दिनों के डॉक्टर खाने की सलाह दे सकते हैं।
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