41.7 C
Lucknow
शनिवार, जून 6, 2026

धरती पर कब और कैसे आए कॉकरोच, डायनासोर मर गए लेकिन ये जिंदा कैसे रह गए

डेस्क। कॉकरोच जनता पार्टी दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपना पहला विरोध प्रदर्शन कर रही है। वे NEET-UG पेपर लीक और CBSE, CUET और SSC-GD जैसी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के लिए जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। पार्टी के नाम ने लोगों में उत्सुकता तो जगाई है साथ ही एक दिलचस्प सवाल भी खड़ा कर दिया है। आखिर कॉकरोच धरती पर कहां से आए थे और महाप्रलय के दौरान जब डायनासोर मर गए तब कॉकरोच कैसे जिंदा रह पाए?

यह भी पढ़ें-कॉकरोच से लेकर सास-बहू तक! यहां देखें अजीबो-गरीब नाम वाली पार्टियों की लिस्ट

Cockroach धरती पर सबसे पहले लगभग 30 करोड़ साल पहले कार्बोनिफेरस काल के दौरान आए थे। इसका मतलब है कि पहले डायनासोर के आने से लगभग 12 करोड़ साल पहले ही ये फल फूल रहे थे। जीवाश्मों से यह पता चलता है कि इनके पूर्वज प्राचीन महाद्वीप पेंजिया के घने और नमी वाले जंगलों में रहते थे। इनके जिंदा रहने का एक बड़ा कारण इनके शरीर की बनावट है।

कॉकरोच का शरीर कुदरती तौर पर चपटा और लचीला होता है। जिस वजह से वे छोटी-छोटी दरार, जमीन के नीचे की जगह और पत्थरों के नीचे की खाली जगह में घुस सकते हैं। एस्टेरॉइड की टक्कर, जंगल की आग या फिर काफी खराब मौसम जैसी बड़ी आपदाओं के दौरान छिपाने की ये जगहें उन्हें गर्मी, शॉकवेव और पर्यावरण के दूसरे जानलेवा खतरों से बचाती थी।

कॉकरोच के अंडे एक मजबूत सुरक्षा कवच के अंदर रखे होते हैं। इसे ऊथेका कहा जाता है। यह कवच अंदर पल रहे भ्रूण को गर्मी, ठंड, सूखेपन और पर्यावरण में होने वाले बदलावों से बचाता है। अगर मुश्किल हालात में व्यस्क कॉकरोच मर भी जाएं तो भी उनके अंडे सुरक्षित रह सकते हैं।

कोल्ड ब्लडेड कीड़े होने की वजह से कॉकरोच को काफी कम एनर्जी की जरूरत होती है। वे बिना खाने के 1 महीने से ज्यादा और बिना पानी के कई हफ्तों तक जिंदा रह सकते हैं। यह अद्भुत सहनशक्ति अकाल और पर्यावरण के बिगड़ने के समय उनके लिए काफी फायदेमंद साबित हुई। कॉकरोच रेडिएशन के ऐसे लेवल को भी झेलने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं जिन्हें इंसान नहीं झेल सकते। उनकी कोशिकाएं कई दूसरे जीवों की तुलना में धीरे-धीरे विभाजित होती हैं। इस वजह से उन पर रेडिएशन से होने वाले नुकसान का असर कम होता है।

Tag: #nextindiatimes #Cockroach #CJP

RELATED ARTICLE